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अमेरिकी चुनावों में इस बार ट्रंप को बड़ा झटका दे सकते हैं भारतीय, बिडेन के वादों से हैं खुश

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 July 2020, 11:40 IST

US President Election: अमेरिका में भारतीयों ने ट्रंप के उस फैसले के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है, जिमसें ट्रंप ने नए H-1B वीजा पर रोक लगा दी है. कहा जा रहा है कि अगर ट्रंप अमेरिका में आगामी चुनाव हारते हैं तो यह इंडियन आईटी फ्रोफेशनल्स के लिए अच्छी खबर होगी. अमेरिकी नौकरी बाजार पर नजर रखने वाले भारतीय आईटी पेशेवर अब राष्ट्रपति पद के डेमोक्रेटिक उम्मीदवार और अमेरिका के पूर्व उपराष्ट्रपति जो बिडेन पर अपनी उम्मीदें जता सकते हैं, जिन्होंने सत्ता में आने पर एच-1 बी वीजा नीति को बहाल करने और ग्रीन कार्ड बैकलॉग को लेकर बड़े वादे किये हैं.

बिडेन नवंबर के राष्ट्रपति चुनावों में रिपब्लिकन कैंडिडेट डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती दे रहे हैं. माना जाता है कि ट्रंप प्रशासन अमेरिका में रहने के इच्छुक लोगों के प्रति कठोर रहा है. ट्रंप ने स्थानीय लोगों के लिए नौकरी के अवसरों को बढ़ाने के लिए विदेशी वर्क वीजा के साथ-साथ एच-1बी वीजा पर भी रोक लगा दी है. दूसरी ओर बिडेन ने रोजगार-आधारित वीजा की सीमाओं को समाप्त करने और लगभग 10 लाख के बड़े पैमाने पर ग्रीन कार्ड बैकलॉग पर ध्यान देने का वादा किया है, जो कि भारत जैसे देशों के प्रवासियों के लिए एक बड़ा मुद्दा है.


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बिडेन ने हालही में कहा "मेरी आव्रजन नीति परिवारों को एक साथ रखने के लिए बनाई गई है. हाल ही में डिजिटल टाउनहॉल बैठक में, बिडेन ने ट्रंप की आव्रजन नीतियों को क्रूर बताया था. इस साल अप्रैल में ट्रंप ने 90 दिनों के लिए ग्रीन कार्ड निलंबित करने के लिए एक कार्यकारी आदेश दिया था. जून में उन्होंने एक आदेश जारी कर निलंबन को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया. अमेरिका हर साल परिवार के सदस्यों सहित सभी रोजगार-वरीयता आप्रवासियों के लिए केवल 1,40,000 ग्रीन कार्ड आवंटित करता है.

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वर्तमान में, लगभग 10 लाख विदेशी नागरिकों का एक बैकलॉग है और परिवार के सदस्यों के साथ अमेरिका में वैध रूप से रहते हैं. बिडेन ने कहा है कि यदि वह राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं, तो वह भारतीय आईटी पेशेवरों द्वारा सबसे अधिक मांग वाले एच -1 बी वीजा पर अस्थायी निलंबन हटा देगा.

बिडेन का बड़ा वादा  

बिडेन ने कहा ''मेरे कार्यकाल में ऐसा नहीं होगा. कंपनी वीजा पर लोगों ने इस देश का निर्माण किया है." H-1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है जो अमेरिकी कंपनियों में विदेशी कर्मचारियों को काम करने की अनुमति देता है. प्रौद्योगिकी कंपनियां भारत और चीन जैसे देशों से हर साल हजारों कर्मचारियों को नियुक्त करती हैं. उन्होंने कहा “मैं पहले दिन एक करोड़ से ज्यादा अनिर्दिष्ट अप्रवासियों के लिए नागरिकता का रोडमैप प्रदान करने के लिए कांग्रेस को लेजिस्लेटिव इमिग्रेशन रिफार्म बिल भेजने जा रहा हूं. ये अप्रवासी देश में बहुत योगदान देते हैं, जिसमें AAPI समुदाय से 1.7 मिलियन शामिल हैं''.

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First published: 16 July 2020, 11:29 IST
 
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