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ट्रंप के बाद ग्रेसली: परदेसियों के लिए रिपब्लिकन सीनेटरों की नफरत का अंत नहीं

सादिक़ नक़वी | Updated on: 30 June 2016, 8:02 IST
QUICK PILL
  • अमेरिकी सीनेटर चक ग्रेसली की प्रतिबंधित वीजा वाले देशों की सूची में भारत भी शामिल है. उन्होंने भारत समेत 23 देशों को वीजा नहीं दिए जाने की सूची में शामिल रखा है.
  • रिपब्लिकन सीनेटर ग्रेसली का आरोप है कि यह सभी 23 देश अवैध अप्रवासियों को वापस लेने की दिशा में सहयोग नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन को अवैध आव्रजन रोकने की दिशा में कदम उठाना चाहिए.

अमेरिकी सीनेटर चक ग्रेसली की प्रतिबंधित वीजा वाले देशों की सूची में भारत भी शामिल है. उन्होंने भारत समेत 23 देशों को वीजा नहीं दिए जाने की सूची में शामिल रखा है. 

रिपब्लिकन सीनेटर ग्रेसली का आरोप है कि यह सभी 23 देश अवैध अप्रवासियों को वापस लेने की दिशा में सहयोग नहीं करते हैं. उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन को अवैध आव्रजन रोकने की दिशा में कदम उठाना चाहिए.

ग्रेसली की चिट्ठी अमेरिका में होने जा रहे राष्ट्रपति के चुनाव से पहले आई है. इससे पहले उनकी पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डॉनल्ड ट्रंप भी अमेरिका में रह रहे अन्य देशों के लोगों के खिलाफ टिप्पणी कर चुके हैं. उन्होंने एच1 बी वीजा को रद्द किए जाने की मांग की है, जिससे भारतीय पेशेवरों को फायदा होता है.

विदेश मंत्रालय के सूत्र ने हालांकि सीनेटर के दावे को खारिज किया है लेकिन आधिकारिक प्रवक्ता ने इस मामले में टिप्पणी करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की तरफ से की गई टिप्पणी है, जिसका अमेरिकी सरकार से कोई संबंध नहीं है.

ऐसा समझा जाता है कि अमेरिका और ब्रिटेन ने भारत सरकार से उन लोगों को वापस बुलाने के लिए संपर्क किया है जो शक्ल सूरत से भारतीय लगते हैं. विदेश मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, 'इस मामले में कार्रवाई करने से पहले हमें यह तय करना होगा कि संबंधित व्यक्ति भारतीय है या नहीं.'

भारत और अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हाल ही में भारत को अपना बड़ा रक्षा सहयोगी बताया है. इसके अलावा भारत और अमेरिका ने एमओयू पर हस्ताक्षर किया है जिससे ग्लोबल एंट्री में भारत के प्रवेश का रास्ता साफ होता है. 

ग्लोबल एंट्री अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन प्रोग्राम है जो अमेरिका में भारतीय नागरिकों के प्रवेश को आसान बनाता है.

सीनेटर का क्या है दावा?

होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी जेह जॉनसन को लिखी चिट्ठी में ग्रेसली ने कहा, 'खतरनाक अपराधियों को हर दिन छोड़ा जा रहा है क्योंकि उनका गृह देश उन्हें वापस लेने में सहयोग नहीं कर रहा है.

उनका दावा है कि 2015 में अमेरिका में 2,166 लोगों का छोड़ा गया जबकि पिछले दो साल में 6,100 लोगों को रिहा किया गया. यह सभी लोग देश में रह रहे हैं. सीनेटर के मुताबिक भारत, चीन, घाना, क्यूबा और सोमालिया की श्रेणी में आता है जो कानून का पालन करने में सहयोग नहीं कर रहा है.

फॉक्स न्यूज ने ग्रेसली के हवाले से लिखा, 'लोग मारे जा रहे हैं. सार्वजनिक जीवन खतरे में है और अमेरिका के लोग परेशान हो रहे हैं. इसे जारी नहीं रखा जा सकता.' ग्रेसली सीनेट की ज्यूडिशियल कमेटी के चेयरमैन भी है.

ग्रेसली ने ट्र्रंप की तरह पहली बार ऐसा बयान नहीं दिया है. हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के बेंच ने ओबामा की उस योजना को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने करीब 50 लाख आव्रजकों को सुरक्षित किए जाने की योजना बनाई थी. ग्रेसली ने कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है.

ग्रेसली ने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट का फैसला पांचवे सर्किट के फैसले के मुताबिक है. यह अमेरिकी लोगों की जीत है, खासकर अमेरिकी मजदूरों की. यह कानून के राज की जीत है और देश का शासन इसके संस्थापकों के आदर्शों के मुताबिक होगा.'

First published: 30 June 2016, 8:02 IST
 
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