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गाड़ियों के उत्सर्जन में धोखाधड़ी पर फॉक्सवैगन 1019 अरब रुपये चुकाने को तैयार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

जर्मनी की प्रमुख कार निर्माता कंपनी फॉक्सवैगन अपने वाहनों के उत्सर्जन के सिलसिले में की गई धोखाधड़ी को लेकर चल रहे मुकदमे के बाद 15 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 1,01,910 करोड़ रुपये) देने को राजी हो गई है. यह अब तक किसी कार निर्माता द्वारा अमेरिकी अदालत में चुकाई गई सबसे बड़ी रकम है.

फॉक्सवैगन ने बीते साल सितंबर में यह बात स्वीकार की कि उसने दुनिया भर में अपनी करीब एक करोड़ 10 लाख डीजल कारों में अवैध सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया था. इसके जरिये प्रदूषण जांच के दौरान यह कारें वास्तविक प्रदूषकों के उत्सर्जन की जगह झूठी जानकारी देती थीं, प्रदूषकों के उत्सर्जन का यह स्तर अमेरिकी कानून द्वारा मान्य सीमा से काफी ज्यादा था.

ब्लूमबर्ग न्यूज द्वारा पहली बार इसकी जानकारी देते वक्त बताया गया कि इसके लिए कंपनी द्वारा 14.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का समझौता किया गया है. इसमें करीब 10 बिलियन डॉलर 'क्लीन डीजल' का दावा करने वाली कारों के 5 लाख ग्राहकों को दिए जाने हैं जबकि हर चालक को 10 हजार डॉलर तक का मुआवजा दिया जाना है.

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ऑडी और पोर्शे का निर्माण करने वाली फॉक्सवैगन 2 बिलियन डॉलर का खर्च क्लीन एमिशन (स्वच्छ उत्सर्जन) टेक्नोलॉजी पर करेगी और 2.7 बिलियन डॉलर जुर्माने के तौर पर यूएस एन्वॉयर्मेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी (ईपीए) को चुकाएगी. 

कार मालिकों के पास यह विकल्प रहेगा कि वे अपनी मौजूदा कारों को उत्सर्जन मानकों पर मॉडिफाई कराएं, हालांकि फॉक्सवैगन द्वारा इसमें सुधार के लिए दिए गए सुझाव को फिलहाल ईपीए की स्वीकृति मिलनी बाकी है.

समझौते की शर्तों पर फिलहाल मंगलवार को कैलीफोर्निया की अदालत के न्यायाधीश द्वारा हस्ताक्षर किए जाने हैं. लेकिन अगर इन्हें स्वीकृति दे दी जाती है तो फॉक्सवैगन को जर्मनी के साथ ही बाकी दुनिया में भी ऐसी तरह की कानूनी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.

First published: 29 June 2016, 8:20 IST
 
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