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राष्ट्रपति ने चोरी से बेच दिया अपने देश का 7 टन सोना, भूख से तड़प-तड़पकर मर रहे बच्चे

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 June 2019, 13:11 IST

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है. वेनेजुएला की जनता खाने को तरस रही है और भूखों मर रही है. देश में महंगाई आसमान छू रही है. वहीं यहां के राष्ट्रपति ने चोरी से 7 टन सोना बेच लिया है. राष्ट्रपति निकोलस मदुरो सरकार द्वारा गुपचुप तरीके से देश का सोने का भंडार बेचने की खबर सामने आई है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने सात टन सोना अमेरिका के प्रतिबंधों से बचते हुए पूर्व अफ्रीका भेज दिया है. यह खबर वॉल स्ट्रीट जनरल में प्रकाशित हुई है. वेनेजुएला और युगांडा के अधिकारियों का कहना है कि 30 करोड़ डॉलर से ज्यादा कीमत के 7.4 टन सोना चोरी से दो फ्लाइटों से वेनेजुएला से युगांडा एक रिफाइनरी में पहुंचा दिया गया है.

युगांडा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने खुलासा किया कि गोल्ड का पता पार्सल के पेपरवर्क के कारण चला. कुछ पार्सलों पर वेनेजुएला के केंद्रीय बैंक का स्टैम्प लगा हुआ था. दरअसल, अमेरिका ने मदुरो सरकार पर कई तरह से आर्थिक प्रतिबंध लगाए हुए हैं क्योंकि वेनेजुएला के विपक्षी दल के नेता जुआन गुएडो को राष्ट्रपति के तौर पर मान्यता दी है.

अमेरिका ने दुनिया के अन्य देशों को मदुरो सरकार के साथ किसी भी तरह की व्यापारिक साझेदारी को लेकर चेतावनी दी है. दुनिया के 50 से ज्यादा देश विपक्षी नेता गुएडो के पक्ष में हैं, हालांकि कुछ देश मदुरो सरकार का समर्थन कर रहे हैं.

फरवरी महीने में वेनेजुएला के वित्त आयोग ने जानकारी दी थी कि साल 2017 की अंतिम तिमाही से फरवरी 2019 के बीच देश के केंद्रीय बैंक ने ने यूएई और तुर्की की कंपनियों को 73 टन सोना बेचा था. तब बेचे गए सोने की बाजार में कीमत 3 अरब डॉलर थी. इसके बाद ही अमेरिका ने वेनेजुएला की सोने की बिक्री को रोकने के लिए प्रतिबंधों की घोषणा कर दी थी.

हालांकि विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रतिबंधों के बावजूद भी कई टन सोना केंद्रीय बैंक से बाहर चोरी-चोरी बेचा जा चुका है और इसे चुपके से निर्यात कर दिया गया है. वेनेजुएला के एक सांसद ने बताया कि राष्ट्रपति मदुरो बचे हुए खजाने का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं. वह नकदी के लिए देश का सब कुछ बेचने को तैयार हैं.

फिलहाल वेनेजुएला की स्थिति इतनी खराब है कि यहां एक लीटर दूध के लिए लोगों को एक लाख रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. जबकि एक किलो मीट 3 लाख रुपये में मिल रहा है. स्थिति यह है कि बच्चे भूख से तड़पकर मर रहे हैं.

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First published: 20 June 2019, 13:11 IST
 
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