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वियतनाम की 'लेडी गागा' पर सरकार ने लगाया बैन, सिंगर ने किया था ये काम

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 September 2018, 9:54 IST

कम्यूनिस्ट देशों में लोकतंत्र की आवाज बुलंद करने वालों को जल्द खामोश कर दिया जाता है. अब ताइवान भी इसी फेहरिस्त में शामिल हो गया है. कम्यूनिस्ट देश ताइवान ने वहां 'लेडी गागा' के नाम से मशहूर अपने देश की एक सिंगर पर बैन लगा दिया है. दरअसल, ताइवान की पाप सिंगर गुएन माइ खोई इस कम्यूनिस्ट देश में लगातार लोकतंत्र के समर्थन में आवाज उठाती रही हैं. ऐसे में ताइवान उनके लोकतंत्र सर्मथन से बौखला गया और उनपर बैन लगा दिया.

बता दें कि ताइवान की पॉप सिंगर गुएन माइ खोई वहां 'लेडी गागा' ने नाम से मशहूर हैं. ऐसे में ताइवान में उनके लाखों प्रशंसक हैं. लोकतंत्र की आवाज को बुलंद करने की वजह से खोई पर बैन लगा दिया गया. अब वह देश में कहीं भी खुले तौर पर गाना नहीं गा सकेंगी. ऐसे में सरकार ने उनपर नजरें गढ़ा रखी हैं, जिससे उन्हें छिपकर गाना पड़ता है. ऐसे में उन्हें सुनने वाले भी नहीं जान पाते कि उनका कार्यक्रम कहां है.

बता दें कि वियतनाम में कम्यूनिस्ट पार्टी का शासन है. वह ऐसी किसी भी आवाज को पसंद नहीं करते जो लोकतंत्र की बात करती हो. माई खोई अपने गानों और धुनों के माध्यम से लगातार सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करती रहती हैं. गाने के जरिए विरोध जताने के लिए उन्हें इस साल वाकले हावेल इंटरनेशनल प्राइज से सम्मानित किया जा चुका है.

भले ही वह पूरी दुनिया में मशहूर हो रही हों, लेकिन उनके इसी काम की वजह से वह सरकार की आंख की किरकिरी बनी हुई हैं. अपनी बात को रखते हुए वह कहती हैं, “मैं सिर्फ अपनी भावनाओं को सभी के सामने रखती हूं. जब लोगों पर ऐसी सेंसरशिप हो तो लोग खुद को आजाद महसूस नहीं करते.”

वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, माइ खोई ने 8 साल की उम्र से गिटार बजाना शुरू कर दिया था. उनके पिता एक म्यूजिक टीचर थे. 12 साल की उम्र में वह एक्स्ट्रा कमाई के लिए शादियों में गिटार बजाने लगीं. इसके बाद उन्होंने हो ची मिन्ह सिटी के क्लब और बार में भी गिटार बजाया. 2010 में वह तब प्रसिद्ध हुईं जब उन्होंने अपने एलबम के लिए वियतनाम का एक बड़ा अवॉर्ड जीता.

उस समय तक उनके निशाने पर सरकार नहीं आई थी. तब तक वह अपनी धुनों के माध्यम से एलजीबीटी समुदाय के लोगों का समर्थन कर रही थीं. इसके अलावा वह महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ भी मुखर थीं.

साल 2016 में उन्हें एक दिन कैफे हाउस में उनके दोस्तों ने इसके लिए तैयार किया कि बिना चुनाव लड़े कुछ नहीं बदलेगा. उन्होंने कहा, जब तक कम्यूनिस्ट पार्टी समर्थन नहीं करेगी तब तक किसी उम्मीदवार का जीतना नामुमकिन है. इस बात को जानते हुए भी उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया.

चुनाव में सरकारी दखल इस कदर था कि खोई को पहले ही डिसक्लाफाई कर दिया गया. हालांकि वह लोगों की नजरों में आ गईं. लोगों ने उनके चुनाव कैंपेन को सफल बताया. इसके साथ ही वियतनाम में राजनीति पर एक नई बहस छिड़ गई. 2016 में ही माई खोई ओबामा से भी मिलीं थीं. पिछले साल नवंबर में जब डोनाल्ड ट्रंप ताइवान की यात्रा पर आए और सड़क पर एक कार में निकले तो माइ खोई ने सड़क के किनारे खड़े होकर अपने हाथ में प्लेकार्ड लेकर विरोध जताया था.

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First published: 17 September 2018, 9:50 IST
 
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