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मिस्र और खाड़ी देशों की मांगों पर कतर का नज़रिया क्यों ख़तरनाक है?

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 July 2017, 11:18 IST

मिस्र के विदेश मंत्री सामेह शौक्री ने बुधवार को कहा कि मिस्र और खाड़ी देशों की मांगों को लेकर कतर की प्रतिक्रिया नकारात्मक थी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, शौक्री ने काहिरा में कतर पर लगे प्रतिबंधों पर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन के साथ हुई चर्चा के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह टिप्पणी की. उन्होंने कहा, "हमने कतर संकट से उपजे हालिया घटनाक्रमों और इससे निपटने के तरीकों पर चर्चा की."

गौरतलब है कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और मिस्र ने पांच जून को कतर के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए थे और उस पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए थे. इसके बाद चार अरब देशों ने कतर के साथ संकट खत्म करने के लिए 13 मांगों की सूची जारी की थी, जिसमें अल-जजीरा टेलीविजन बंद करने और ईरान के साथ राजनयिक संबंध तोड़ने संबंधी मांगें भी हैं.

इसके बाद चारों अरब देशों ने बुधवार को कहा कि उन्हें कुवैत के जरिए कतर का जवाब मिला है. गौरतलब है कि कुवैत इस संकट से उबारने में मदद के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. शौक्री ने कहा, "कतर द्वारा लगातार आतंकवाद को समर्थन देने को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा." उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए जल्द ही बहरीन में एक बैठक होने जा रही है.

First published: 6 July 2017, 11:18 IST
 
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