Home » इंटरनेशनल » Why the Orlando massacre is not about Omar Mateen being Muslim
 

ऑरलैंडो नरसंहार को उमर मतीन और मुस्लिम नजरिए से मत देखिए!

कुणाल मजूमदार | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST

अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत के ऑरलैंडो में हुए नरसंहार को दो तरीके से समझा जा सकता है. पहला- यह एक मुस्लिम के द्वारा किया गया आतंकी हमला है. दूसरा यह एक समलैंगिकता विरोधी शख्स द्वारा अंजाम दिया गया आतंकी हमला है, जो एक मुस्लिम भी है.

दूसरा नजरिया इस घटना की ज्यादा बारीक व्याख्या है और इस वजह से बहुत ज्यादा कयासों की जरूरत नहीं नजर आती है. पहले आसान व्याख्या की बात करते हैं. 29 साल का उमर मतीन एक मुस्लिम है. उसका परिवार अफगानिस्तान से अमेरिका आया था. उसके पिता ने 2014 में अफगानिस्तान में हुए चुनाव में हिस्सा लेने की कोशिश की थी.

मतीन ने 911 नंबर पर फोन किया और जानकारी दी कि वह आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का एक लड़ाका है. इसके बाद चंद मिनटों के अंदर उसने नाइट क्लब में 50 लोगों की हत्या कर दी. आईएस ने घटना की जिम्मेदारी ली है. 

इस तरह सभी मुस्लिम संदेह के दायरे में हैं. अमेरिका को सीरिया से किसी शरणार्थी को नहीं लेना चाहिए, क्योंकि वो एक संभावित आतंकी हो सकता है. डोनाल्ड ट्रंप सही बोल रहे थे!

अब जरा दूसरे बारीक नजरिए की बात करते हैं. 29 साल का उमर मतीन एक होमोफोब (समलैंगिकों से घृणा करने वाला) था. उसका जन्म न्यूयॉर्क में हुआ. वो धार्मिक शख्स नहीं था. लिहाजा इस्लाम वजह नहीं है, जैसा कि उसके पिता ने कहा है. उसने दो पुरुषों को अपनी पत्नी और बच्चों के सामने किस करते देखा. इस वजह से उसने समलैंगिक लोगों के संहार का फैसला लिया. उसके पास एक गन थी, जो अमेरिका में आसानी से मुहैया हो जाती है. गे नाइट क्लब में 50 लोगों की मौत हो गई.

हालांकि मतीन अमेरिका में इकलौता होमोफोब नहीं है. अमेरिका में धार्मिक दायरे से अलग हटकर बहुत सारे होमोफोब हैं. सच्चाई ये है कि बहुत से ईसाई कट्टरपंथियों ने हत्याकांड पर जश्न मनाया है. बंदूक पर नियंत्रण की जरूरत एक बार फिर उभरी है. ओबामा सही थे!

कृपया आप अपनी अन्तरात्मा के लचीलेपन के हिसाब से रुख तय कीजिए. लेकिन तथ्य यह है कि 50 लोगों की मौत उनकी लैंगिकता की वजह से हुई है.

ऑरलैंडो नरसंहार किसी साजिश की देन नहीं है. यह किसी एक विशेष संप्रदाय से जुड़ा नहीं है. न ही यह सभ्यताओं का संघर्ष है. लिहाजा इस पर केंद्रित होने की जरूरत नहीं है. यह गे (समलैंगिक) होने से जुड़ा है. जितनी जल्दी हम इसे समझ लेंगे, उतनी तेजी से इसे किसी को समझा सकेंगे. 

ऑरलैंडो नरसंहार डोनाल्ड ट्रंप जैसे लोगों की वजह से है, जो समलैंगिक शादियों पर रोक लगाने का वादा करते हैं.

ऑरलैंडो नरसंहार जैक फिलिप्स जैसे लोगों की देन है, जो समलैंगिक लोगों की शादी में वेडिंग केक (शादी का केक) सर्व करने से मना कर देते हैं.

ऑरलैंडो नरसंहार रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं की सोच का नतीजा है, जो समलैंगिकों को कानूनी रूप से प्रताड़ित करने के लिए छूट चाहते हैं. 

ऑरलैंडो नरसंहार पोप की वजह से हुआ, जो समलैंगिक शादियों को मानने से इनकार कर देते हैं.

ऑरलैंडो नरसंहार व्लादिमीर पुतिन जैसों की सोच का नतीजा है, जो रूस में समलैंगिक लोगों की जिंदगी नर्क बना देते हैं.

ऑरलैंडो नरसंहार ईरानी और सऊदी अरब के नेताओं की वजह से हुआ, जो अपने देश में समलैंगिकों की हत्या करने की नीति बनाते हैं.

ऑरलैंडो नरसंहार भारतीय सुप्रीम कोर्ट के जजों की सोच का नतीजा है, जो समलैंगिकता पर बार-बार प्रतिबंध लगा देते हैं.

ऑरलैंडो में हुए नरसंहार को सोचने-समझने का ये कठोर नजरिया है. बाकी सब दलीलें महज बहाना है.

First published: 13 June 2016, 4:09 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी