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तालिबान से बातचीत में पाकिस्तान की जरूरत नहीं: अशरफ गनी

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 April 2016, 17:53 IST
QUICK PILL
  • पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने साफ कर दिया है कि तालिबान से जारी शांति बातचीत में उन्हें पाकिस्तान की मदद की बिलकुल भी जरूरत नहीं है.
  • पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए गनी ने कहा कि पाकिस्तान को एक जिम्मेदार देश के तौर पर बर्ताव करना चाहिए.
  • 19 अप्रैल को काबुल में अफगानी सुरक्षा एजेंसी के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संबंधों में कड़वाहट आई है.

आतंक के खिलाफ जारी लड़ाई में अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए अफगानिस्तान ने साफ कर दिया है कि तालिबान से शांति बातचीत में उसे पाकिस्तान की बिलकुल जरूरत नहीं है. अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी का यह बयान पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है.

अफगान संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति गनी ने कहा, 'पाकिस्तान ने शांति बातचीत में समर्थन देने का वादा किया था. लेकिन अब अफगान तालिबान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए हमें पाकिस्तान की जरूरत नहीं है.' 

गनी ने कहा, 'हम चाहते हैं कि पाकिस्तान अपनी तरफ से जताई गई प्रतिबद्धता का सम्मान करते हुए अफगान तालिबान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करे. पाकिस्तान को तालिबान आतंकियों को अफगानिस्तान सरकार को सौंपना चाहिए ताकि हम उनके खिलाफ शरिया अदालत में मुकदमा चला सकें.'

तालिबान आतंकियों को जाहिल करार देते हुए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा कि अच्छे और बुरे तालिबान में कोई फर्क नहीं है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार को एक जिम्मेदार सरकार की तरह बर्ताव करना चाहिए.

अफगानी सुरक्षा एजेंसी के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के संबंध बिगड़े हैं

इस्लाकि स्टेट, हक्कानी नेटवर्क और तालिबान के अलग-अलग धड़ों को घानी ने अफगानिस्तान का दुश्मन करार दिया. 

19 अप्रैल को काबुल में अफगानी सुरक्षा एजेंसी के मुख्यालय पर हुए आतंकी हमले के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संबंधों में कड़वाहट आई है. अफगान तालिबान ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.

तालिबान के शांति वार्ता में शामिल होने से इनकार किए जाने के बाद गनी पर अपनी नीति में बदलाव करने का जबरदस्त दबाव था. 

पिछले महीने तालिबान ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान, चीन और अमेरिका के साथ होने वाली चौतरफा बातचीत में अफगानिस्तान सरकार के साथ बातचीत करने से मना कर दिया था. 

First published: 25 April 2016, 17:53 IST
 
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