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इस देश में दे दी गई थी सैकड़ों बच्चों की बलि, पसलियां तोड़कर निकाले गए थे दिल

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 April 2018, 16:45 IST

लैटिन अमेरिकी देश पेरू में पुरातत्वविदों ने एक खौफनाक जगह का पता लगाया है. इसे दुनिया की सबसे बड़ा बलि स्थल बताया जा रहा है. ये बलि स्थल पेरू की राजधानी लीमा से करीब 500 मीटर दूर त्रुजिलो शहर के पास मिला है. इस जगह का नाम लास लामास है. आर्कियोलॉजिस्ट की एक टीम को खुदाई के दौरान यहां करीब 140 बच्चे के अवशेष मिले हैं. बताया जाता है कि यहां कभी चिमू सभ्यता का विकास हुआ था.

दावा किया जा रहा है कि 550 साल पहले यहां एक साथ एक समय में 200 से ज्यादा लोगों की बलि दी गई थी. इनमें बच्चों के साथ युवा भी शामिल थे. इस मानव इतिहास का सबसे बड़ा बलि देना का मामला बताया जा रहा है. पुरातत्वविदों का मानना है कि इंसानों की पसलियां तोड़कर इनके दिल बाहर निकाल लिए गए थे. जो किसी धार्मिक बलि जैसा प्रतीत होता है.

टीम को इस स्थान से 200 लामा (एक तरह का जानवर) के अवशेष भी मिले हैं. पुरातत्वविदों ने बच्चों के कंकाल के बारे में बताया कि जिन बच्चों की बलि दी गई उनकी उम्र 5 से 14 साल के बीच रही होगी. नेशनल यूनिवर्सिटी त्रुजिलो में पुरातत्वविद प्रोफेसर गैब्रियर प्रियटो के मुताबिक बच्चों को एक धार्मिक बलि के रूप में त्याग करना पड़ा. क्योंकि वे ही अगले भविष्य का प्रतिनिधित्व करते थे.

प्रियटो के मुताबिक, बलि की जगह को चिमू साम्राज्य में ही बनाया गया था. माना जाता है कि अल नीनो की वजह से पेरू के पास स्थित समुद्र में तूफान आया था, जिसकी वजह से त्रुजिलो में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई थी. इसी से बचाव के लिए लोगों ने भगवान को अपने बच्चों की भेंट चढ़ाई थी.

रिपोर्ट के अनुसार, इन अवेशषों को देखकर लगता है कि बच्चों के दिल को निकालने के लिए उनके पेट और पसलियों को काटा गया था. प्रियटो के मुताबिक बलि स्थल से मिले सभी बच्चों के अवशेष समुद्र की ओर सिर किए हुए थे. यानी उन्हें इसी तरह से ही दफनाया गया था.

ऐसे चला पता बच्चों की बलि देने का

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्चों की हड्डियों में जख्मों के निशान थे. साथ ही उनकी कई पसलियां भी टूटी पाई गईं, जिससे पता चलता है कि उनके दिलों को निकाल लिया गया था. इसके अलावा उनके अवशेषों पर गाढ़े लाल रंग की परत पाई गई, जिससे ऐसे संकेत मिलते हैं कि उन्हें अनुष्ठान के बाद मारा गया था.

2011 में शुरू हुई थी खोज

बता दें कि लास लामास में 2011 में पहली बार खुदाई शुरू की गई थी. तब यहां खुदाई के दौरान सिर्फ 42 बच्चों और 76 लामाओं के अवशेष मिले थे. हालांकि, इस हफ्ते खुदाई के बाद कुल 140 बच्चों के अवशेष मिलने का एलान किया गया है. इन अवशेषों में लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं. खुदाई के दौरान मिलने कपड़े और दूसरी चीजों की कार्बन डेटिंग से पता चला है कि ये घटना करीब 1400 से 1450 ई. के बीच हुई थी.

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First published: 28 April 2018, 16:45 IST
 
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