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जाकिर नाइक: उदारता और इस्लाम के बीच घालमेल

लमत आर हसन | Updated on: 10 February 2017, 1:48 IST
QUICK PILL
  • मलेशिया में भारी संख्या में मौजूदा श्रोताओं के सामने इस्लाम, आतंकवाद और जेहाद पर दिए गए भाषण में नाइक ने मुस्लिमों को हिंसा से दूर रहने की कोई सलाह नहीं दी. जबकि नाइक इस्लाम की दुनिया में जबरदस्त दखल रखते हैं. 
  • उल्टे उन्होंने सराहना करते हुए यह कहा कि मुस्लिमों को \'आतंकवादी\', \'चरमपंथी\' और \'अतिवादी\' जैसे शब्दों से खुद पर कोई असर नहीं होने देना चाहिए. उन्होंने मीडिया पर इस्लाम पर को बदनाम करने का आरोप मढ़ते हुए कहा कि यह ऐसा हथियार है जिसकी मदद से \'दिन को रात किया जा सकता है.

जाकिर नाइक विरोधाभासों के नायक हैं. पेशे से डॉक्टर नाइक इस्लाम के बारे में उपदेश देते हैं. फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले नाइक अपनी बातचीत में अक्सर कुरान, बाइबल और भागवद गीता का साधिकार उल्लेख करते हैं. पश्चिमी परिधान सूट और इस्लामी टोपी में नाइक का चेहरा उनकी पहचान हो चुका है. उनकी कोशिश तर्क और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर इस्लाम के बारे में भ्रम को दूर करने की होती है. लेकिन अंत में कुछ भी साफ नहीं होता. भ्रम और विरोधाभास जस का तस बना रह जाता है. इसी आड़ में उनका एजेंडा आगे बढ़ता है. यह प्रोगेसिव प्रतीत होता है लेकिन इसका दायरा संकीर्ण है. यह उदार मुस्लिमों को असल में पीछे ले जाता है.

16 सालों में नाइक इस्लाम का चर्चित चेहरा रहे हैं. उन्हें कई पुरस्कार मिले, पूरी दुनिया में घूम-घूमकर उन्होंने उपदेश दिया और उनके बड़बोलेपन ने मुस्लिम और गैर-मुस्लिमों के बीच की खाई को चौड़ा किया. उनका प्रवचन संस्कृतियों और समुदायों के बीच के फर्क को चौड़ा करते हुए मुस्लिमों को मुख्य धारा से अलग करने का काम करता है.

दुर्भाग्यवश भारत और दुनिया के अधिकांश शिक्षित मुसलमानों के लिए वह इस्लाम के उदार चेहरे का प्रतिनिधित्व करने वाले नायक हैं. वह इस्लाम की एकमात्र आवाज हैं जिसे दुनिया के अधिकांश मुसलमान अपनाना चाहते हैं.

इस्लाम, आतंकवाद और जेहाद

मलेशिया में भारी संख्या में मौजूदा श्रोताओं के सामने इस्लाम, आतंकवाद और जेहाद पर दिए गए भाषण में नाइक ने मुस्लिमों को हिंसा से दूर रहने की कोई सलाह नहीं दी. जबकि नाइक इस्लाम की दुनिया में जबरदस्त दखल रखते हैं. उल्टे उन्होंने सराहना करते हुए यह कहा कि मुस्लिमों को 'आतंकवादी', 'चरमपंथी' और 'अतिवादी' जैसे शब्दों से खुद पर कोई असर नहीं होने देना चाहिए. 

उन्होंने मीडिया पर इस्लाम को बदनाम करने का आरोप मढ़ते हुए कहा कि मीडिया दुनिया का सबसे ताकतवर हथियार है जिसकी मदद से 'दिन को रात किया जा सकता है और नायक को खलनायक बनाया जा सकता है.'

उनके भाषण के कुछ अंश को यहां पढ़ा जा सकता है: 

  • 9/11 के बाद इस्लाम को बदनाम करने के लिए हजारों की संख्या में किताबें प्रकाशित की जा रही हैं.
  • मुसलमानों को चरमपंथी बताया जा रहा है. इस शब्द का मूल रूप से इस्तेमाल प्रोटेस्टेंट ईसाईयों के लिए किया जाता था. ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी ने भी इसका मतलब बदलते हुए इसे इसे विशेषतौर पर इस्लाम से जोड़ दिया गया है.
  • मैं एक रूढ़िवादी मुसलमान हूं और मुझे इस पर गर्व है. क्योंकि मैं जानता हूं और मैं इसका अनुसरण करता हूं और मैं इस्लाम के बुनियादी मूल्यों को अपनाने की कोशिश करता हूं.
  • मुस्लिम को अतिवादी कहा जा रहा है. एक डकैत के लिए पुलिस आतंकवादी है. जिन्होंने ब्रिटिश के साथ लड़ाई की वह उनके लिए आतंकवादी हैं लेकिन भारतीयों के लिए वह देशभक्त और आजादी के लड़ाके हैं.
  • भगत सिंह अंग्रेजों के लिए आतंकवादी थे. हमारे लिए वह देशभक्त हैं. हम तब अंग्रेजों के इस तर्क से सहमत नहीं थे. तो फिर अब हम उनसे (जब वे मुस्लिमों को आतंकवादी कहते हैं) सहमत क्यों हो रहे हैं?
  • जब अंग्रेजों ने अमेरिका पर शासन किया तब उन्होंने जॉर्ज वाशिंगटन को सबसे बड़ा आतंकवादी बताया. बाद में वह अमेरिका के पहले राष्ट्रपति बने.
  • नेल्सन मंडेला भी सबसे बड़े आतंकवादी थे. हालांकि बाद में उन्हें शांति का नोबल पुरस्कार मिला.
  • दुनिया में सबसे गलत समझा जाने वाला शब्द जेहाद है. यह शब्द जहादा से निकला है जिसका मतलब है संघर्ष. समाज को बेहतर बनाने का संघर्ष.
  • सबसे बढ़िया जेहाद उन लोगों तक कुरान की शिक्षा पहुंचाना है जो आस्तिक नहीं है.

महिला और हिजाब

पैगंबर मोहम्मद की पहली पत्नी कारोबारी थीं और पैगंबर उनके कर्मचारी. 1400 साल बाद नाइक विपरीत लिंग के मिलने-जुलने को अपराध बताते हैं. 

नाइक बताते हैं कि महिलाओं को पुरुषों से बातचीत नहीं करनी चाहिए. उन्हें आंखों, जीभ और कपड़ों का पर्दा करना चाहिए. यू-ट्यूब पर जारी एक वीडियो में वह एक लड़की और लड़के के बीच की बातचीत का मजाक बनाते हैं. लड़की लड़के को बाहर ले जाना चाहती है वह उसे अपने साथ सोने के लिए कहती है. लड़की शैतान है. 

वह बताते हैं, 'आपको उन लोगों से दूर रहना चाहिए जो शैतानी हरकत करते हैं. अगर कोई खुले गले का कपड़ा और मिनी स्कर्ट पहनता है तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए?' उन्होंने कहा, 'ताली दोनों हाथों से बजती हैं. इसलिए किसी भी घटना के लिए दोनों जिम्मेदार हैं.'

इस्लाम का संदेश फैलाए

मुस्लिमों को इस्लाम और उसके संदेशों को फैलाने के लिए जबरदस्त मेहनत करनी चाहिए. मतलब अपनी सुविधा के मुताबिक हदीश को नजरअंदाज करिए जिसमें मुसलमानों को दूसरे समुदाय के साथ रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. 

कुरान का एक अहम सूरा है जिसमें कहा गया है कि एक सच्चा मुसलमान दूसरे के धर्म में हस्तक्षेप नहीं करता. लेकिन नाइक इस सूरा का जिक्र नहीं करते हैं. बदले में वह मुसलमानों में यह दोष की भावना पैदा करते हैं कि वह इस्लाम के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं. नाइक कहते हैं:

  • इस्लाम का संदेश फैलाना हर मुस्लिम का फर्ज है.
  • सूरा अस्र मानवों के लिए पर्याप्त दिशानिर्देश है. यह कहता है कि अगर कोई मुस्लिम इस्लाम का संदेश नहीं फैलाता है तो उसे जन्नत नहीं नसीब होगी.
  • इस्लाम अमेरिका में सबसे तेजी से बढ़ने वाला धर्म है.
  • 9/11 के बाद करीब 34000 अमेरिकी और 20,000 यूरोपीयों ने इस्लाम ग्रहण कर लिया. इनमें से अधिकांश महिलाएं थीं.

खुद से मोहब्ब्त

ऐसा लगता है कि नाइक इस्लाम से उसकी नैतिकता को ग्रहण नहीं कर रहे. यहां तक कि धर्म खुद को सबसे कीमती धरोहर के तौर पर देखता है. वह लॉस एंजिल्स एयरपोर्ट पर कस्टम के अधिकारियों के साथ अपनी बातचीत का हवाला देते हुए बताते हैं कि कैसे उन्होंने अपनी समझदारी से उन अधिकारियों की बोलती बंद कर दी. वह अक्सर अपनी 'लोकप्रियता' का बखान करते हैं और बताते हैं कि कैसे उन्होंने इस्लाम को फैलाने में अहम भूमिका निभाई है.

पारंपरिक तौर पर इस्लाम कहता है दाहिने हाथ को बाएं हाथ की अच्छाइयों से सीख नहीं लेनी चाहिए. लेकिन नाइक या उनके समर्थक जो कर रहे हैं वह इस्लाम नहीं है. 

अगर कोई एक बात जाहिर है तो यह कि नाइक के साथ जो भी गलत है उसके लिए इस्लाम जिम्मेदार नहीं है. जैसे कि इस्लाम में जो अच्छा है उसे नाइक में नहीं खोजा सकता.

First published: 14 December 2015, 8:54 IST
 
लमत आर हसन @LamatAyub

संवाददाता, कैच न्यूज़

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