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जम्मू-कश्मीर में इस साल मारे गए 121 आतंकियों में से सिर्फ 21 पाकिस्तानी : रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 July 2019, 10:46 IST

जम्मू-कश्मीर में 2019 के पहले छह महीनों में सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए 121 आतंकवादियों में से केवल 21 पाकिस्तान से थे, जिसका मतलब है कि राज्य में मारे गए 82 फीसदी आतंकवादी स्थानीय थे. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इनमें से अधिकांश मुठभेड़ दक्षिण कश्मीर में हुईं, जिसमें 36 आतंकवादी पुलवामा में मारे गए 34 शोपियां में जबकि 16 अनंतनाग जिले में मारे गए.

2019 में स्थानीय लोगों की भर्ती में गिरावट नहीं देखी गई, क्योंकि 76 स्थानीय लोगों ने साल के पहले छह महोने में बंदूकें उठाईं, जिनमें से 39 हिजबुल मुजाहिदीन और 21 जैश-ए-मोहम्मद में शामिल हुए.

रिपोर्ट के अनुसार उग्रवाद में शामिल होने वालों में से अधिकांश दक्षिण कश्मीर के जिलों के थे. इनमे पुलवामा के 20, शोपियां के 15, और अनंतनाग और कुलगाम के 13 युवा इस साल जनवरी और जून के बीच आतंकवाद में शामिल हुए. जम्मू और कश्मीर में उग्रवाद की स्थिति के बारे में सरकारी दस्तावेज़ बताते हैं कि दक्षिण कश्मीर के जिलों में उग्रवाद जारी है और अब स्थानीय लोग बंदूकें उठा रहे हैं.

इससे पहले एक रिपोर्ट में कहा गया था कि में इस साल गर्मियों में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार सीमापार कार्रवाई या घुसपैठ की कोई ख़बर नहीं आई है. जिसमें छोटे हथियारों से गोलीबारी की अधिकांश घटनाएं दक्षिण में पीर पंजाल तक सीमित हैं. वर्ष की पहली छमाही में आतंकवादियों द्वारा शुरू की गई 100 घटनाओं में, 32 पुलवामा में, 23 शोपियां में, 15 अनंतनाग में और 10 श्रीनगर जिलों में थी. इन घटनाओं में अधिकांश आतंकवादी सुरक्षा बलों पर गोलीबारी कर रहे हैं.

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First published: 30 July 2019, 10:42 IST
 
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