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कश्मीर में 'सर्जिकल स्ट्राइक': एक साल में 5 टॉप आतंकी कमांडर ढेर

सुधाकर सिंह | Updated on: 1 August 2017, 14:04 IST

बुरहान वानी के एनकाउंटर से लेकर अब तक कश्मीर में पिछले एक साल के दौरान पांच टॉप आतंकी कमांडर ढेर कर दिए गए हैं. एक लिहाज से इसे आतंकियों के ख़िलाफ़  सर्जिकल स्ट्राइक जैसा माना जा रहा है. एक नज़र पांच एनकाउंटर पर, जिसमें टॉप आतंकी कमांडरों को सुरक्षाबलों ने मार गिराया.

बुरहान वानी

एनकाउंटर- 8 जुलाई 2016
हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर

8 जुलाई 2016 को बुरहान वानी को मुठभेड़ के दौरान उस वक्त मार गिराने में कामयाबी मिली थी, जब सुरक्षाबलों को गुप्त सूचना मिली कि दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग के बुमडूरा गांव में तीन उच्च-प्रशिक्षित आतंकवादी मौजूद हैं. यह जानकारी मिलते ही पुलिस टीमें हरकत में आ गईं और गांव से बाहर निकलने के सभी रास्तों को सील कर दिया गया. सेना के साथ एक बाहरी घेरा बनाकर पुलिस और सुरक्षाबल गांव में दाखिल हुए.

स्थानीय लोगों के मामूली विरोध के बाद सुरक्षा बल दोपहर तीन बजे गांव में दाखिल हुए. सुरक्षा बलों को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी सरताज की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली थी. बुरहान वानी की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी नहीं थी. हालांकि पहले मिली खुफिया सूचनाओं में बताया गया था कि दोनों साथ ही रहते हैं. शाम सवा छह बजे मुठभेड़ खत्म हुई और जब देखा गया कि मारे गए तीन आतंकवादियों में से एक बुरहान भी है, तो सुरक्षा बल खुशी से झूम उठे.

2010 में भाई के मारे जाने के बाद आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा. बुरहान वानी का मानना था कि उसके भाई की भारतीय सेना ने हत्या कर दी थी. 15 साल की उम्र में वो आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का सदस्य बन गया.

बुरहान भारतीय सुरक्षाबलों से अपने भाई की मौत का बदला लेना चाहता था. कश्मीर के त्राल का रहने वाला वानी एक रसूखदार परिवार से था. वानी को कश्मीर के पढ़े-लिखे युवाओं को हिजबुल से जोड़ने का जिम्मा दिया गया. बुरहान वानी पर 10 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था.

सोशल मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें डालकर बंदूक उठाने की अपील पर बुरहान कश्मीर के युवाओं के बीच काफी चर्चित हुआ. जून 2016 में अनंतनाग में तीन पुलिसकर्मियों की मौत के बाद आखिरी वीडियो आया. वीडियो में बुरहान वानी ने सुरक्षा बलों पर और हमले करने की धमकी दी थी.

सबज़ार अहमद बट

एनकाउंटर- 27 मई 2017
हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर

दक्षिण कश्मीर के त्राल में एक घंटे तक चली मुठभेड़ के दौरान सेना ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सबज़ार अहमद बट समेत दो आतंकियों को मार गिराया. सबजार बट को बुरहान वानी के बाद घाटी में कमांडर बनाया गया था. उसे दक्षिण कश्मीर में सुरक्षाबलों के ख़िलाफ़ आतंकी हमलों को तेज़ करने की जिम्मेदारी मिली थी.

सबजार 8 जुलाई 2016 को मारे गए हिजबुल कमांडर बुरहान वानी का साथी था. उसे वानी के बाद हिजबुल का कमांडर बनाया गया था. सोशल मीडिया पर बुरहान के साथ सबजार की तस्वीरें सामने आई थीं. बुरहान वानी की 11 आतंकियों के साथ एक फोटो वायरल हुई थी. बताया जाता है कि ये फोटो सोशल मीडिया में सबज़ार ने ही पोस्ट की थी.

सबज़ार ने त्राल के गवर्मेंट कॉलेज से कम्प्यूटर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. उसके पिता का नाम गुलाम हसन बट था. सबजार के आतंकी बनने के बाद से ही आतंकियों ने अपने मुंह छिपाए बिना सोशल मीडिया में वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करना शुरू किया था.

दक्षिण कश्मीर में हिजबुल के आतंकियों का एक वीडियो काफी वायरल हुआ था. इस वीडियो में कई युवा हाथों में हथियार लेकर एक साथ नज़र आए थे. इसके साथ ही बिरयानी खाते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चित हुआ था.

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्यार में धोखा खाने के बाद सबजार बट आतंक की राह पर चल पड़ा था. साल 2015 में बुरहान के भाई खालिद की मौत के बाद वह हिजबुल में शामिल हुआ था.

जुनैद मट्टू

एनकाउंटर- 16 जून 2017
लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर

बुरहान वानी और सबज़ार अहमद बट को मौत की नींद सुलाने के बाद भारतीय सेना को फिर बड़ी कामयाबी मिली. दक्षिण कश्मीर के अरवनी गांव में आर्मी ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर जुनैद मट्टू को 16 जून को मार गिराया.

सेना के इस ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस भी मोर्चा संभाले हुए थी. इस ऑपरेशन में कुल दो आतंकी मारे गए. जुनैद के अलावा दूसरे आतंकी का नाम मुज़म्मिल था. जुनैद मट्टू जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ताक़तवर कमांडर था.

जुनैद के एनकाउंटर के ठीक एक दिन बाद दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के अचबल में आतंकियों ने एक बड़ा हमला किया. इस हमले में जम्मू-कश्मीर पुलिस के छह जवान शहीद हो गए.

आतंकियों ने हत्या के बाद शवों को क्षत-विक्षत कर दिया. यह हमला लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू को ढेर करने की प्रतिक्रिया में किया गया, जिसमें सब-इंस्पेक्टर फिरोज अहमद डार, कांस्टेबल शारिक अहमद, कांस्टेबल तनवीर अहमद, कांस्टेबल शेराज़ अहमद, कांस्टेबल आसिफ अहमद और कांस्टेबल सबज़ार अहमद शहीद हो गए.

बशीर लश्करी

एनकाउंटर- 1 जुलाई 2017
लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर

बुरहान वानी की पहली बरसी से पहले जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक जुलाई 2017 को मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली. सुरक्षाबलों ने लश्कर कमांडर बशीर लश्करी को मार गिराया. सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच डेलगाम इलाके में सुबह 6 बजे से एनकाउंटर चल रहा था.

सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के दौरान दक्षिण कश्मीर में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर बशीर लश्करी के अलावा आज़ाद मलिक नाम के एक और आतंकी को ढेर कर दिया गया. एसएचओ फिरोज डार समेत छह पुलिस वालों की बर्बर हत्या में बशीर लश्करी का नाम सामने आया था. तभी से वो सुरक्षाबलों के राडार पर था.

बशीर लश्करी दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग के कोकेरनाग इलाके का रहने वाला था. 1999 में वो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चला गया था. 2012 में राज्य सरकार की आतंकियों के पुनर्वास की योजना के बाद वह कश्मीर घाटी में वापस लौटा था.

2014 तक लश्करी जेल में बंद रहा. 2015 में वह दोबारा आतंकी गतिविधियों में सक्रिय हो गया. पिछले एक साल से वह दक्षिण कश्मीर में काफी सक्रिय था. कुछ पाकिस्तानी लश्कर आतंकी भी उसके साथ बताए जाते हैं. बशीर पर 10 लाख रुपये का इनाम था.

अबु दुजाना

एनकाउंटर- 1 अगस्त 2017
लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर

एक अगस्त 2017 को पुलवामा के हाकरीपोरा गांव में मुठभेड़ के दौरान लश्कर कमांडर अबु दुजाना मारा गया. दुजाना के साथ एक स्थानीय आतंकी आरिफ ललहारी भी ढेर कर दिया गया. सुरक्षाबलों ने एनकाउंटर के दौरान उस घर को आग लगा दी, जिसमें आतंकियों के छिपे होने की खबर थी.

अबु दुजाना लश्कर का टॉप कमांडर था. पिछले कई महीनों से सुरक्षाबलों ने दुजाना को मारने के लिए कई ऑपरेशन चलाए थे. दुजाना, सुरक्षा बलों पर किए गए तीन दर्जन से भी ज़्यादा हमलों में वांटेड था. उसके सर पर 15 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था.

First published: 1 August 2017, 14:04 IST
 
सुधाकर सिंह @sudhakarsingh10

कैच हिंदी टीम, वो अमीर हैं निज़ाम-ए-जहां बनाते हैं, मैं फ़क़ीर हूं मिज़ाज-ए-जहां बदलता हूं...

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