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जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती को समर्थन देने से कांग्रेस का इनकार, दिया ये बड़ा बयान

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 June 2018, 15:59 IST

जम्मू-कश्मीर में बीजेपी ने महबूबा मुफ्ती सरकार ने अपना समर्थन वापस ले लिया है और इसी के साथ महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया है. भाजपा द्वारा समर्थन वापस लेने के साथ ही जम्मू-कश्मीर में पिछले तीन सालों से चली आ रहा पीडीपी-बीजेपी गठबंधन वाली महबूबा सरकार गिर गई है.

पीडीपी से समर्थन वापस लेने के बाद बीजेपी ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की मांग की है. ऐसे में अब पीडीपी के पास अल्पमत हो गया है. सरकार गिरने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे अब पीडीपी और कांग्रेस मिलकर सत्ता में आ सकते हैं लेकिन अब इन कयासों पर भी विराम लग गया है.

दरअसल, कांग्रेस ने महबूबा मुफ्ती को समर्थन देने से साफ इनकार कर दिया है. इस बात को लेकर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि कांग्रेस जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ समर्थन नहीं करेगी. ऐसे में गुलाम नबी आजाद इससे साफ हो गया है कि सरकार बनाने के लिए पीडीपी को कांग्रेस का साथ नहीं मिलेगा.

ऐसे में अब जम्मू-कश्मीर के सारे समीकरण फेल होते दिख रहे हैं और महबूबा मुफ्ती की फिर से सरकार बनाने का दावा पेश करना अब मुश्किल लग रहा है. ऐसे में अब देखना ये दिलचस्प होगा कि जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन लगता है या नहीं.

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, "जो भी हुआ अच्छा हुआ है. जम्मू-कश्मीर के लोगों को इससे कुछ राहत मिलेगी. उन्होंने (बीजेपी) कश्मीर को बर्बाद कर दिया और अब इससे बाहर निकाले हैं, इन 3 वर्षों के दौरान तमाम आम नागरिक और सेना के जवान शहीद हुए. अब गठबंधन का सवाल नहीं उठता."

दिसंबर 2014 में जब जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हुए तो कोई भी पार्टी बहुमत नहीं हासिल कर पाई थी. इन चुनावों में जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट(पीडीपी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. पीडीपी को विधानसभा चुनावों में 28 सीटें प्राप्त हुईं थी, जबकि 89 सीटों(2 नोमिनेट) वाले विधानसभा में भाजपा को 25 सीटें प्राप्त हुई थीं.

वहीं, जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस को 15 सीटें जबकि कांग्रेस के खाते में कुल 12 सीटें गई थीं. इनके अलावा दो सीटों पर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस को 2, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया 1 और तीन निर्दलीय उम्मीदवारों को जम्मू-कश्मीर की जनता ने अपना नेता (विधायक) चुना था.

आपकी जानकारी के लिए बता दें, जम्मू-कश्मीर में सत्ता में आने के लिए किसी भी पार्टी को जरूरी बहुमत यानी 44 सीटें चाहिए. भाजपा द्वारा समर्थन वापस लेने के बाद पीडीपी अगर कांग्रेसे के साथ सत्ता में आती है तो भी जरूरी बहुमत के जादुई आंकड़े से 4 सीटें दूर है.

बता दें कि कांग्रेस के पास 12 और पीडीपी के पास 28 सीटें हैं. ऐसे में पीडीपी के पास कुल 40 सीटें हो रही हैं. वहीं अगर पीडीपी को जम्मू एंड कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस या फिर अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन मिल जाता है तो भी पीडीपी सत्ता में आएगी.

First published: 19 June 2018, 15:57 IST
 
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