Home » जम्मू-कश्मीर » जम्मू-कश्मीर: तीन साल में दिव्यांगों की संख्या 74 फीसदी बढ़कर हुई 31000 से ज्यादा : रिपोर्ट
 

जम्मू-कश्मीर में तीन साल में दिव्यांगों की संख्या 74 फीसदी बढ़कर हुई 31,000 से ज्यादा : रिपोर्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 July 2018, 18:00 IST

तीन सालों से 2017 तक, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की गठबंधन सरकार जम्मू-कश्मीर में सत्ता में थी, कश्मीर घाटी के 10 जिलों में 31,085 लोगों को दिव्यांग के रूप में प्रमाणित किया गया.

इंडिया स्पेंड की रिपोर्ट के अनुसार ये आंकड़े पिछले तीन वर्षों में 17,898 लोगों की संख्या से 74 फीसदी ज्यादा हैं, जैसा कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी से पता चला है. विशेष रुप से भीड़ नियंत्रण के लिए गोली-बंदूक के उपयोग की तरफ इशारा करते हुए कार्यकर्ताओं ने बताया कि घाटी में बढ़ती अशांति ने इस वृद्धि में भूमिका निभाई है.

 

जम्मू-कश्मीर एकमात्र राज्य है, जहां 2016 के उस कानून को लागू करना बाकी है, जो 21 दिव्यांगताओं को मान्यता देता है ( पहले सात था ) और इससे संकेत मिलता है कि वास्तविक संख्या अधिक भी हो सकती है. कार्यकर्ताओं ने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचा अक्षम है, अनुकूल नहीं है, खासकर सार्वजनिक कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की व्यवस्था. छह साल से 2017 तक, कुपवाड़ा जिले में सबसे अधिक दिव्यांग लोगों की संख्या दर्ज(10,825) हुई, इसके बाद अनंतनाग में 8,638, बारामुल्ला में 7,274 और पुलवामा में 5,461.

वर्ष 2011 में, राज्य की दिव्यांग आबादी 361,153 थी.  इसमें 56.7 फीसदी पुरुष थे और 43.2 फीसदी महिलाएं थीं. यह संख्या, 2001 में 302,670 से 19.3 फीसदी ऊपर हुआ है, जैसा कि 2011 के जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है.  आंकड़ों से पता चलता है कि, सुनने में दिव्यांगता सबसे ज्यादा है, लगभग 21 फीसदी.

‘जर्नल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड सोशल साइंसेज रिसर्च’ (जेबीएम और एसएसआर) में प्रकाशित एक नवंबर 2015 के अध्ययन के अनुसार, 2014 तक, 100,000 से अधिक दिव्यांगताएं संघर्ष के कारण थीं. श्रीनगर स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज के अनुसार, 2016 के बाद, गोली-बंदूक के उपयोग नेदिव्यांगों की संख्या में वृद्धि की है. श्रोत : इंडिया स्पेंड 

ये भी पढ़ें : पीएम मोदी ने रात में उठकर किया वाराणसी भ्रमण, सवा घंटे तक देखते रहे भव्य काशी

First published: 15 July 2018, 17:31 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी