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कठुआ गैंगरेप मामले में आज से सुनवाई, पीड़िता की वकील ने लगाए कई गंभीर आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 April 2018, 10:41 IST

जम्मू-कश्मीर के कठुआ में आठ साल की बच्ची के गैंगरेप और हत्या मामले की सोमवार (16 अप्रैल) से अदालत में मुकदमा शुरु होगा. वहीं पीड़िता पक्ष की वकील ने खुद को धमकियां मिलने का भी आरोप लगाया है. वकील ने कहा है, कि "मुझे नहीं पता कि मैं कब तक जिंदा रहूंगी. मेरे साथ दुष्कर्म हो सकता है, मेरी हत्या भी हो सकती है, मुझे कल धमकी मिली थी कि तुम्हें माफ नहीं करेंगे." वकील ने कहा कि वे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताएंगी कि उनकी जान को खतरा है.

वकील दीपिका ने कहा कि अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए वह सुप्रीम कोर्ट से सुरक्षा की मांग करेंगी. उन्होंने कहा, "मैं इस बारे में सुप्रीम कोर्ट को बताऊंगी. मैं बहुत बुरा फील कर रही हूं और यह निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है.' उन्होंने कहा, कि 'आप मेरी दुर्दशा की कल्पना कर सकते हैं लेकिन मैं न्याय के साथ खड़ी हूं और हम सब आठ साल की बच्ची के लिए न्याय चाहते हैं.”

ये है पूरा मामला
मामले के आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने आठ साल की बच्ची को जनवरी में एक सप्ताह तक कठुआ जिले के एक गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा. उसे नशीला पदार्थ देकर उसके साथ बार बार दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी. आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है जिसके खिलाफ एक अलग आरोपपत्र दायर किया गया है.

वहीं अधिकारियों ने कहा कि कठुआ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कानून के अनुसार एक आरोपपत्र को सुनवाई के लिए सत्र अदालत के पास भेजेंगे, जिसमें सात लोग नामजद हैं. हालांकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नाबालिग के खिलाफ सुनवाई करेंगे क्योंकि किशोर कानून के तहत यह विशेष अदालत है.

मामले की सुनवाई के लिए सिख समुदाय के वकील नियुक्त

वहीं जम्मू-कश्मीर सरकार ने इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के लिए दो स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर की नियुक्ति की है. दोनों ही सिख हैं. सरकार ने ये फैसला इसलिए लिया है क्यों कि मामले में हिन्दु मुस्लिम ध्रुवीकरण के मद्देनजर तटस्थता सुनिश्चित करने का प्रयास माना जा रहा है.

आरोपियों के परिवार ने सीबीआई जांच कराने की मांग की

कठुआ कांड का मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे सांझी राम के परिवार ने कहा है कि मामले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए. उसमें दोषी मिलने पर भले ही सांझी राम और उसके बेटे को सरेआम फांसी दे देना. भूख हड़ताल पर बैठी सांझी राम की बेटी ने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग को मीडिया दोषियों को बचाने अौर जांच में रुकावट डालने की कोशिश क्यों दिखा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट करेगा मामले की सुनवाई

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू बार एसोसिएशन तथा कठुआ बार एसोसिएशन को आड़े हाथों लिया था. इसके चलते अब माना जा रहा है सुनवाई सुचारू ढंग से चल सकेगी. बता दें कि शीर्ष अदालत ने इस मामले में कुछ वकीलों द्वारा न्यायिक प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करने पर कड़ी आपत्ति जताई थी.

चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने जम्मू उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन की भी आलोचना की थी. जिसने प्रस्ताव पारित करके अदालती कार्यवाही में शामिल नहीं होने को कहा था.

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First published: 16 April 2018, 10:41 IST
 
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