Home » जम्मू-कश्मीर » mastermind of parliament attack afzal guru son ghalib afzal clears class xii exams with distinction
 

जानिए क्यों संसद हमले के मास्टरमाइंड अफजल गुरू के बेटे को मिल रही हैं बधाईयां

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 January 2018, 17:16 IST

संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू के बेटे ने एक बार फिर ऐसा कारनामा किया है कि लोग उसकी वाह-वाह कर रहे हैं. अफजल गुरु के बेटे गालिब गुरु ने जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (बीओएसई) द्वारा आयोजित 12वीं की परीक्षा विशेष योग्यता के साथ पास की है. इसके पहले उसने 10वीं की परीक्षा में भी 95 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे.

जम्मू-कश्मीर बोर्ड द्वारा गुरुवार को परीक्षा के नतीजे घोषित किए गए. इसमें गालिब को 88.2 फीसदी अंक हासिल हुए हैं. इसके बाद सोशल मीडिया पर 17 वर्षीय गालिब के लिए बधाईयों का तांता लग गया है. बारामूला जिले के सोपोर कस्बे में स्थित उसके घर पर दोस्तों और परिजनों की कतारें लग गई हैं और लोग लगातार गालिब को बधाई दे रहे हैं.

 

गौरतलब है कि गालिब गुरु ने जम्मू-कश्मीर बोर्ड में 10वीं की परीक्षा में भी 95 फीसदी नंबर हासिल किए थे. बोर्ड की ओर से जारी नतीजों में उसने 500 में 475 हासिल किए थे. गालिब ने अंग्रेजी, मैथ्‍स, सोशल साइंस और उर्दू से परीक्षा दी थी, उसे सभी विषयों में ए वन ग्रेड मिले. हालांकि, इस परीक्षा का टॉपर ताबिश मंजूर है, जिसने 99.6 प्रतिशत नंबर हासिल किए थे.

नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्रवक्ता सराह हयात ने एक ट्वीट में गालिब की बड़ाई करते हुए कहा, 'बढ़िया अंकों के साथ बारहवीं की परीक्षा पास करने के लिए गालिब अफजल गुरु को बधाई, भविष्य के लिए शुभकामनाएं.’

डॉक्टर बनना चाहता है गालिब

अफजल गुरु को फांसी के बाद उनकी पत्नी तबस्सुम ने कहा था अब हमारा परिवार शांति के साथ बाकी जिंदगी जीना चाहता है. उस समय छोटे से गालिब ने कहा था वह डॉक्टर बनना चाहता है. उत्तरी कश्मीर में सोपोर के रहने वाले गालिब गुरु की मां तब्बसुम ने उसकी पढ़ाई में कभी कोई कसर नहीं रखी. वह चाहती हैं कि गालिब एक अच्छा इंसान बन नाम रोशन करे.

एक बार गालिब अपने पिता से मिलने जेल गया था तब वापस आकर उसने बताया था कि वह जब तिहाड़ जेल में अपने पिता से मिलने गया था तब उन्होंने उसे साइंस की किताब और एक पेन दिया था. बता दें कि उसके पिता अफजल गुरु ने मेडिकल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ सिविल सर्विसेज की तैयारी की थी.

First published: 11 January 2018, 17:16 IST
 
अगली कहानी