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महबूबा मुफ्ती: एनकाउंटर में मारने के बजाए घाटी के आतंकियों की घर वापसी हो

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 October 2016, 15:55 IST
(एएनआई)

जम्मू-कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की एनकाउंटर में मौत के बाद से घाटी में तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. 8 जुलाई से कश्मीर घाटी में हिंसक प्रदर्शनों का दौर चल रहा है. इस बीच मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपील की है कि स्थानीय आतंकियों को एनकाउंटर में मारने के बजाए उनकी मुख्य धारा में वापसी के प्रयास किए जाएं.

श्रीनगर में पुलिस बल के कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा, "हमारे बच्चे जो आतंकवादी बन गए हैं, मैं पुलिस से अपील करती हूं कि ऐसी कोशिश की जाए कि वे वापस घर आएं. मुठभेड़ में मार गिराने के बजाए उन्हें वापस मुख्य धारा में जोड़ा जाए."

सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस दौरान कहा, "उन बच्चों के हाथों में बंदूक के बजाए बैट और बॉल थमाया जाए, तो बेहतर होगा." 

'हमेशा के लिए नहीं है अफ्सपा'

जम्मू-कश्मीर की सीएम ने सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून (अफ्सपा) का जिक्र करते हुए कहा, "अफ्स्पा कानून जिससे सेना को विशेष ताकत मिलती है  जिससे वे शक होने पर किसी भी घर की तलाशी ले सकते हैं या फिर उन्हें हिरासत में ले सकते हैं, हमेशा के लिए नहीं है."

साथ ही सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यह बेहद जरूरी है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सद्भाव का वातावरण बनाया जाए.

श्रीनगर में सीएम ने कहा, "मैं पैलेट गन पर प्रतिबंध लगाना चाहती हूं, लेकिन इसके लिए सरकार को आप लोगों का समर्थन चाहिए. हमेशा से हमारे बच्चों का ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. हम किसी को उन पर पत्थर फेंककर बातचीत करने के लिए नहीं कह सकते. बातचीत के लिए पहले हमें आतंकवाद को रोकना होगा."

सोशल माीडिया पर हिजबुल आतंकी बुरहान वानी की ये तस्वीर काफी चर्चित रही थी. (फेसबुक)

हाल ही में सोशल मीडिया पर हिजबुल मुजाहीदीन के आतंकियों का एक वीडियो आया है, जिसमें वो किसी बाग में एक-दूसरे को गले लगा रहे हैं और बधाई दे रहे हैं. इससे आतंकी बुरहान वानी की याद ताजा हो गई थी, जो सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहता था.

8 जुलाई को बुरहान वानी के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है. अब तक इन 90 से ज्यादा लोगों की हिंसा में मौत हो चुकी है. वहीं 12000 से ज्यादा लोग घायल हैं. माना जा रहा है कि घयलों की इतनी बड़ी तादाद पैलेट गन के इस्तेमाल का नतीजा है.

First published: 21 October 2016, 15:55 IST
 
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