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जम्मू-कश्मीर के लोगों को मुसीबत से बाहर निकालने के लिए किया था बीजेपी से गठबंधन: महबूबा

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 June 2018, 17:29 IST

बीजेपी के समर्थन वापस लेने के बाद महबूबा मुफ़्ती ने कहा की राज्य में अब पीडीपी किसी के साथ कोई गठबंधन नहीं करेगी.  उन्होंने कहा हमने यह सोचकर बीजेपी के साथ गठबंधन किया कि वह एक बहुत बड़ी और पावरफुल पार्टी है.  पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य के लोगों को मुसीबत से बाहर निकालने के लिए बीजेपी से गठबंधन किया था.

महबूबा बोली हमनें राज्य में सरकार बनने के बाद में 11 हजार युवाओं  के खिलाफ मुकदमे वापस लिए. पाकिस्तान से अच्छे सम्बन्ध बनाना हमारा मकसद था और उनकी सफल नीति की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान भी गए. उन्होंने कहा कि कश्मीर में सख्ती की पॉलिसी सही नहीं है और राज्य में हमारी सरकार आने के बाद लोग बड़े सुकून से जी रहे थे. महबूबा ने कहा कि उनकी सरकार कश्मीर में अपना एजेंडा लागू करवाने में सफल रही हैं क्योंकि लोग 370 को लेकर लोग डरे हुए थे.

जम्मू-कश्मीर में बीजेपी पीडीपी सरकार गिरने के बाद पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य में राज्यपाल शासन लगाने की मांग की है. उमर अब्दुल्ला ने इसके बाद मीडिआ के सामने कहा की हम राज्य में सरकार नहीं बनाना चाहते हैं. उन्होंने कहा हमें न ही किसी ने अभी तक सरकार बनाने के लिए बात की है. अब्दुल्ला ने कहा कि यह गलतफहमी न रखें कि हम जम्मू कश्मीर में सरकार गिरने से खुश हैं. उन्होंने कहा हमारे पास न बहुमत था और न है और मैं जम्मू कश्मीर की जनता के लिए चिंतिति हूं.

बीजेपी के इस कदम राजनीतिक विश्लेषक एक सोच समझकर लिया गया फैसला बता रहे हैं. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में राज्य के सांसदों से मुलाकात के बाद यह निर्णय लिया. अब राज्य में पीडीपी 28 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि भाजपा की यहां 25 सीटें हैं. राज्य में बहुमत के लिए कम से कम 44 सीटों की आवश्यकता होती है.

जानकारों का मानना है कि इस गठबंधन में दरार का प्रमुख कारण राज्य की महबूबा सरकार के केंद्र सरकार के साथ असहमति के बाद सामने आयी. इनमे रमजान के बाद सीजफायर, कठुआ रेप केस, AFSPA को हटाने को लेकर और पाकिस्तान के साथ बातचीत जैसे मुद्दे शामिल थे. इसी तरह सरकार ने रमजान के बाद राज्य में आतंकवाद को रोकने के लिए फिर से ऑपरेशन आल आउट शुरू करने का फैसला किया जबकि महबूबा इसके खिलाफ थी.

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First published: 19 June 2018, 17:15 IST
 
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