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नगरोटा आतंकी हमला: जनरल दलबीर सुहाग ने लिया आर्मी यूनिट का जायजा

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:39 IST
(पीटीआई फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में सेना ने बुधवार सुबह एक बार फिर कॉम्बिंग ऑपरेशन किया. मंगलवार को यहां सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले में दो मेजर और पांच जवान शहीद हो गए थे. दरअसल सेना अब इस बात की तस्दीक करना चाहती थी कि कहीं कोई और आतंकी अभी छिपा तो नहीं है. ऑपरेशन को खत्म कर दिया गया है.

इस बीच थल सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग हमले के बाद हालात का जायजा लेने के लिए आज नगरोटा पहुंचे. इससे पहले जवाबी कार्रवाई में सेना ने तीन आतंकी मार गिराए थे. सेना को हुए नुकसान की बात करें तो नगरोटा आतंकी हमली 19 सितंबर को उरी में हुए हमले के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला है.

उरी में भारतीय सेना के 19 जवान शहीद हुए थे. इसके बाद भारतीय सेना ने 28-29 सितंबर को एलओसी के पार सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था. थल सेनाध्यक्ष दलबीर सिंह सुहाग ने बुधवार को नगरोटा में सेना की यूनिट का दौरा किया. यूनिट के अफसरों ने जनरल सुहाग को मंगलवार को हुए आतंकी हमले के बारे में विस्तार से जानकारी दी. नगरोटा में सेना की 16 कॉर्प का मुख्यालय है.

नगरोटा में मंगलवार को आतंकी हमले में दो मेजर समेत सेना के 7 जवान शहीद हुए हैं. इसे उरी के बाद सबसे बड़ा हमला माना जा रहा है. (एएफपी)

16 बंधकों को कराया आज़ाद

इस बीच भारतीय सेना की उत्तरी कमान ने नगरोटा आतंकी हमले के बारे में विस्तृत जानकारी दी. सेना के बयान में कहा गया, "29 सितंबर 2016 की सुबह भारी हथियारों से लैस पुलिस की वर्दी में आए आतंकियों ने ऊधमपुर से तीन किलोमीटर दूर स्थित कॉर्प हेडक्वार्टर नगरोटा में सेना की यूनिट को निशाना बनाया. गेट पर सुरक्षा में तैनात संतरियों पर फायरिंग करते और ग्रेनेड फेंकते हुए आतंकी ऑफिसर्स मेस कॉम्प्लेक्स में घुस गए."

पढ़ें: नगरोटा में उरी के बाद सबसे बड़ा आतंकी हमला, 2 मेजर समेत 7 जवान शहीद

सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया, "शुरुआती जवाबी कार्रवाई में सेना के एक अफसर और तीन जवान शहीद हो गए. आतंकी दो इमारतों में घुस गए जिसमें सेना के अफसर और उनके परिवार रहते हैं. इससे बंधक संकट की तरह हालात बन गए. जिसके बाद हालात को तेजी से संभाला गया. ऑपरेशन के दौरान 12 जवान, दो महिलाओं और दो बच्चों को सफलतापूर्वक छुड़ा लिया गया."

बयान के मुताबिक, "रेस्क्यू के दौरान एक और अफसर के अलावा सेना के दो जवानों ने अपनी जान कुर्बान कर दी. मारे गए तीन आतंकियों का शव हमारे कब्जे मेें है और पूरे इलाके की छान-बीन की जा रही है."

बाजवा के कमान संभालते ही बड़ा हमला

नगरोटा में ही भारतीय सेना के 16 कॉर्प का मुख्यालय है. यह सीमाओं की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ चलाए जाने वाले अभियानों की योजना बनाता है. खास बात ये है कि मंगलवार को ही पाकिस्तान में सेना के नए प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने कमान संभाली है.

रावलपिंडी में समारोह के दौरान राहिल शरीफ की मौजूदगी में बाजवा ने पाकिस्तान के 16वें सेना प्रमुख का कार्यभार संभाला. कमर बाजवा को कश्मीर और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के हालात का एक्सपर्ट माना जाता है.  

कश्मीर-एलओसी के एक्सपर्ट बाजवा

इसके साथ ही बाजवा पाकिस्तान की 10 स्ट्राइक कोर की भी कमान संभाल चुके हैं. यह पाकिस्तान की सबसे बड़ी कोर है, जिसके जवानों की तैनाती सियाचिन ग्लेशियर से लेकर रावलपिंडी तक है. इसमें नियंत्रण रेखा का इलाका भी शामिल है. बाजवा नॉर्दर्न एरिया फोर्स कमांड के भी मुखिया रहे हैं, जिसकी गिलगिट और बाल्टिस्तान में तैनाती है. 

रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में कश्मीर घाटी में आतंकी हमलों में और तेजी आ सकती है. वहीं राहिल शरीफ ने विदाई से पहले भारत को धमकी भरे अंदाज में कहा कि पाकिस्तान के धैर्य की परीक्षा न ली जाए.

कमर जावेद बाजवा ने 29 नवंबर को पाकिस्तान के 16वें सेनाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली है.
First published: 30 November 2016, 9:38 IST
 
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