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श्रीनगर उपचुनाव: 8 मौतें, 200 नागरिक और 100 जवान घायल, कुल 7.14 फ़ीसदी वोटिंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 April 2017, 10:41 IST


रविवार को श्रीनगर संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव के दौरान हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई. इनके अलावा 200 नागरिक और सुरक्षाबल के 100 से ज़्यादा जवान ज़ख़्मी हुए हैं. प्रदर्शनकारियों के हंगामे और बहिष्कार के चलते 100 पोलिंग स्टेशन पर वोट नहीं डाले जा सके. श्रीनगर सीट पर उपचुनाव में महज 6.5% वोटिंग हुई है. श्रीनगर से मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के भाई तसद्दुक हुसैन सईद चुनाव लड़ रहे हैं. उनका मुकाबला मुख्य रूप से कांग्रेस उम्मीदवार जी. ए. मीर से है, जिन्हें राज्य में विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस का भी समर्थन प्राप्त है.


न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक बडगाम में पोलिंग बूथ पर पेट्रोल बम फेंके गए, पत्थरबाज़ी और हिंसा हुई. बीते असेंबली चुनाव में यहां रिकॉर्ड 59.11 वोटिंग हुई थी लेकिन इस बार उपचुनाव में यहां सबसे ज़्यादा हंगामा देखने को मिला.

अफसरों के मुताबिक बडगाम के पाखरपुरा में प्रदर्शनकारियों ने एक मतदान केंद्र पर हमलाकर इमारत में तोड़फोड़ की. सुरक्षाबलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए चेतावनी के रूप में गोली चलाई, लेकिन भीड़ फिर भी पीछे नहीं हटी. इसके बाद चार अलग-अलग हिस्सों में हुई गोलीबारी में 8 नागरिकों की मौत हो गई. गांदरबल में एक पोलिस स्टेशन आग के हवाले कर दिया गया. बडगाम में कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम मशीनें भी तोड़ दीं.

अफसरों का कहना है कि घाटी में हुई हिंसा ने मतदान को बुरी तरह प्रभावित किया है. अब तक बहुत कम मतदान हुआ है. चाडूरा इलाके में भारी पथराव के चलते मतदान कर्मियों को दो मतदान केंद्रों से हटना पड़ा. पहले चार घंटों में कुल 12 लाख 61 हजार मतदाताओं में से केवल 3.3 प्रतिशत ने ही अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.

सरकार पर ठीकरा


उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा को नेशनल कॉन्फ्रेंस ने केंद्र, राज्य सरकार और चुनाव आयोग की नाकामी करार दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं 20 सालों ने राजनेता हूं, पर चुनाव और प्रचार के लिए इतनी खराब स्थिति मैंने कभी नहीं देखी. यह राज्य सरकार, केंद्र और चुनाव आयोगी की असफलता है.' उधर पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार लोगों को मतदान करने के लिए सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल दे पाने में नाकाम रही है.

चुनाव आयोग ने आधी रात से श्रीनगर संसदीय क्षेत्र में आने वाले तीन जिलों में इंटरनेट सेवा को निलंबित कर दिया था क्योंकि पाकिस्तान के कुछ समूह उपचुनाव के बारे में गलत खबरें फैला रहे थे. गांदरबल, श्रीनगर और बडगाम में इंटरनेट सेवा अभी भी बंद है.

First published: 10 April 2017, 10:41 IST
 
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