Home » जम्मू-कश्मीर » Top most Hijbul Commander killed in Uri sector
 

कौन है सेना को 18 साल तक चकमा देने वाला ढेर आतंकी?

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 September 2017, 14:57 IST

कश्मीर में हथियार उठाने वाले एक चरमपंथी की औसत उम्र 7 साल होती है. ऐसे चरमपंथी बेहद कम ही होते हैं जो भारत सरकार के ख़िलाफ़ हथियार उठाने के बावजूद उम्र की इस दहलीज़ को पार कर जाएं. मगर हाल ही में मारा गया कयूम नज़र एक ऐसा आतंकी था जिसने आतंकवाद का प्रशिक्षण 1999 में लिया था.

जम्मू-कश्मीर में लंबे अरसे से सुरक्षा बलों की नजर से बचने वाला यह आतंकवादी कमांडर कयूम नजर मंगलवार को घुसपैठ की कोशिश के दौरान मार गया. फिलहाल वह पाकिस्तान में था और जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश कर रहा था. बारामूला में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सय्यद इम्तियाज हुसैन ने कहा है कि कयूम उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर मारा गया.

हिजबुल मुजाहिदीन के इस कमांडर की मौत के बारे में इम्तियाज़ हुसैन ने कहा कि नजर ने 1999 में आतंकवाद का प्रशिक्षण लिया था. उस समय उसने समूह के तत्कालीन विवादास्पद कमांडर अब्दुल माजिद डार को मार डाला था. नजर सोपोर शहर के बाटापोरा का था. उसने खुद को एचएम से कुछ समय तक अलग रखा था. यही कारण था कि उसे हिजबुल के प्रमुख सय्यद सलाहुद्दीन से मिलने के लिए पाकिस्तान में एचएम के बेस कैंप में बुलाया गया था.

पुलिस अधीक्षक ने बताया, "उनके साथ समस्याओं को सुलझाने के बाद, सलाहुद्दीन ने उसे कश्मीर में संगठन की कमान संभालने के लिए वापस भेजा था. वापस घाटी में घुसपैठ के दौरान मंगलवार को उसे मार दिया गया."

First published: 27 September 2017, 14:57 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी