Home » गवर्मेन्ट जॉब्स » Atal bihari vajpayee life Story in jharkhand school books, CM Raghuvar Das announced
 

अटल बिहारी वाजपेयी को ये राज्य रखेगा जीवंत, स्कूल की किताबों में दी अहम जगह

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 August 2018, 10:47 IST

पूर्व प्रधानमंत्री "भारत रत्न"' अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी झारखंड के स्कूली बच्चों को पढ़ाई जाएगी. अटल बिहारी की जीवन गाथा झारखंड सरकार की टेक्स्ट बुक में शामिल की जाएगी. राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने घोषणा करते हुए कहा,'' श्रद्धेय वाजपेयी जी झारखंड के निर्माता हैं. आनेवाली पीढ़ी को उनकी जीवनी से प्रेरणा मिलेगी कि कैसे एक साधारण परिवार से होने के बावजूद ऊंचे लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती है.'' राज्य के शिक्षा मंत्री को इससे संबंधित आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.

जबकि विपक्ष आरोप लगा रहा है कि वाजपेयी की जीवनी के साथ आरएसएस के विचारधारा को भी सिलेबस में शामिल किया जायेगा. सीएम रघुवर दास ने कहा, ''झारखंड की सवा तीन करोड़ आम जनता और राज्य का यह कर्तव्य है कि अटल जी के लिए कुछ खास करें. वाजपेयी सदैव हमारे प्रेरणाश्रोत और आदर्श बने रहेंगे.''

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का झारखंड से ज्यादा लगाव था. वाजपेयी जी के प्रधानमंत्री कार्यकाल के समय ही देश में तीन राज्यों का गठन किया गया था, जिनमें बिहार से अलग होकर झारखंड बना, उत्तरप्रदेश से अलग होकर उत्तराखंड और मध्यप्रदेश काटकर छत्तीसगढ़ राज्य बनाया गया.

वर्तमान में अटल जी के सपनों का प्रोजेक्ट , "सर्व शिक्षा अभियान" के अंतर्गत प्राथमिक स्तर पर 66.27 लाख शिक्षक मौजूद हैं. देश भर में 14.5 लाख प्राथमिक विद्यालयों में नामांकित 19.67 करोड़ बच्चे शिक्षा का लाभ ले रहें हैं. इस योजना की व्यापकता का अनुमान इतनी बड़ी संख्या में लाभान्वितों के आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है.

वाजपेयी जी एक दूरदर्शी नेता थे, वो अशिक्षा को सबसे बड़ा अभिशाप मानते थे. अटल जी ऐसे शख्शियत थे जिन्होंने कवि ह्रदय होकर भी एक पोखरण परमाणु परीक्षण किया और पूरे विश्व में भारत को अहम् स्थान दिलाया, पड़ोसी पाकिस्तान को भी उसके दुष्टता का दंड कारगिल युद्ध में दिया. विपक्षी पार्टियों के लिए भी वे हमेशा प्रेरणास्त्रोत रहे.

First published: 21 August 2018, 10:47 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी