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JEE Advanced: मोदी सरकार देगी स्टूडेंट्स को बड़ी राहत, अब नहीं पूछे जाएंगे कठिन सवाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2018, 12:50 IST
jee advance

सरकार चाहती है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में एडमिशन के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JEE) की कठिनाई के स्तर को कम किया जाए. HRD मिनिस्ट्री, JEE Advance के क्वेश्चन लेवल को थोड़ा आसान करना चाहती है ताकि IIT संस्थान में ज्यादा सीट खाली न रह जाए. क्वेश्चन का लेवल इतना कठिन था कि कट ऑफ जारी करने के बाद लगभग 1,000 सीट खाली जा रही थी तब कट ऑफ़ को कम किया गया.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सचिव (Higher Education) आर सुब्रह्मण्यम ने बताया कि हम आईआईटी काउंसिल और आईआईटी से इस साल खराब नतीजे को ध्यान में रखते हुए JEE Advance परीक्षा के तरीकों और टेस्ट डिजाइन की जांच करना चाहते हैं. उन्होंने आगे बताया कि हमें लगता है कि यह टेस्ट डिज़ाइन स्टूडेंट्स की क्षमता से बहुत दूर था और इस मुद्दे पर विचार कर इसमें संशोधन करना आवश्यक है.

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मानव संसाधन मंत्रालय का मानना है कि इस साल 2018 में बहुत कठिन स्तर के सवाल पूछे गए थे. HRD सचिव ने कहा कि आईआईटी परिषद की अगली बैठक में यह मुद्दा एक प्रमुख एजेंडा के रूप में लिया जाएगा और HRD मिनिस्टर भी इसमें मौजूद रहेंगे.

छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए एचआरडी मंत्री कुछ अहम फैसला कर सकते हैं. आईआईटी-कानपुर द्वारा आयोजित JEE Advance 2018 में क्वालीफाइंग छात्रों की संख्या में तेज गिरावट देखी गई, जिसमें 18,138 उम्मीदवारों को 11,279 IIT सीटों पर एडमिशन के लिए योग्य घोषित किया गया.

First published: 16 June 2018, 12:48 IST
 
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