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RRB: रेलवे अब ITI पास की जगह मशीनों को देगा नौकरी, इस वजह से हुआ बद्लाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2018, 14:06 IST
railway minister

भारतीय रेलवे ने इस साल लगभग 90,000 पदों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर आवेदन मांगे हैं. रेलवे के द्वारा विज्ञापनों को जारी करने से पहले, रेल मंत्रालय ने उम्मीदवारों के योग्यता के स्तर को कम करने का फैसला किया. रेलवे की अधिकांश नौकरियों में आईटीआई पास की योग्यता अनिवार्य थी लेकिन रेलवे ने इसमें बदलाव कर सिर्फ 10वीं क्लास पास उम्मीदवारों को भी समान अवसर देने का फैसला लिया. योग्यता कम करने के कारण संभावित उम्मीदवारों की संख्या 60 लाख से बढ़कर लगभग 6 करोड़ हो गई. मतलब योग्यता कम करके 10 गुना ज्यादा अभ्यर्थियों तक रेलवे की पहुंच में विस्तार किया गया.

रेलवे के इस फैसले का अगर गहराई से अध्ययन किया जाए तो ऐसा प्रतीत होता है कि रेलवे ने टेक्निकल जॉब को ऑटोमेशन मोड़ में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है और इस कॉस्ट कटिंग से ज्यादा लोगों को रोजगार की जद में लाने के लिए योग्यता को कम किया है. रेलवे स्वचालन मोड (Automation mode) से अपनी उत्पादकता (Productivity) बढ़ाकर इन सेवाओं पर कम खर्च करने और उन्हीं पैसे से कम योग्यता वाले कर्मचारियों की सैलरी को वित्त पोषित करने के लिए यह पॉलिसी बनाई है.

रेलवे की ओर से तर्क दिया गया है कि ग्रुप-C और ग्रुप-D के पदों के लिए उम्मीदवारों को क्लास 10th के लेवल पर सीखने के अलावा एडिशनल कुछ भी सीखने की आवश्यकता नहीं है. इसलिए आईटीआई को जरुरी पात्रता आवश्यकता में रखना वेबुनियाद है. मतलब रेलवे की ग्रुप-C और D के लिए 10वीं की पढ़ाई में ही इतना नॉलेज मिल जाता है कि अलग से कोई कोर्स और टेक्निकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है इसलिए ITI की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है.

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रेलवे में चयन के लिए जिम्मेवार रेलवे भर्ती बोर्ड के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा "अनिवार्य रूप से, रेलवे में नौकरियों को बुनियादी सेवाओं जैसे ट्रैक और कोच की सफाई और रख-रखाव करना पड़ता है, इन कार्यों को 10वीं पास द्वारा भी किया जा सकता है, इसके लिए ज्यादा योग्यता की क्या जरुरत है.

साल 2016 में रेलवे ने इसी तरह के फैसले को लागू करने का प्रयास किया था लेकिन इसे निरस्त कर दिया गया. इससे रेलवे के लिए नई भर्ती में निश्चित तौर पर वित्तीय लागत बढ़ी होगी क्योंकि हायर एजुकेशन वाले उम्मीदवारों को सैलरी भी ज्यादा देनी पड़ेगी. विभाग ने याचिका दायर की कि  उच्च श्रेणी के उम्मीदवारों की आवश्यकता को पहले से ही सार्वजनिक नहीं किया गया था और इसके लिए चयन प्रक्रिया बाद में कार्यान्वित की जाएगी.

वर्तमान की नई वैकेंसी के साथ बैकलॉग की भर्तियों को भी जोड़ा गया है. इसलिए इतनी बड़ी संख्या में भर्तियां निकाली गई है. यह रेलवे के दो उद्देश्यों को पूरा करता है, पहला नौकरी के अवसरों का विस्तार करना और प्रस्तावित पद के लिए वेतन के निम्न स्तर पर केंद्रित रहना, ताकि रेलवे पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव न्यूनतम रहे.

रेलवे अधिक से अधिक तकनीकी नौकरियों को स्वचालन में स्थानांतरित करने और उत्पादकता बढ़ाने की नीति के तहत कार्य कर रही है. रेलवे का मूल उदेश्य इसके बचत से कम योग्य और कम सैलरी वाले कर्मियों की भर्ती कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार देकर माइग्रेशन को को रोकना है.

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First published: 25 May 2018, 14:05 IST
 
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