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पिछले 6 महीने में मिली 22 लाख नई नौकरियां, EPFO ने जारी किए आंकड़े

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 April 2018, 18:04 IST

रोजगार के मुद्दे पर लगातार आलोचनाओं का सामना कर रही मोदी सरकार के लिए ये राहत की खबर है. अगर आंकड़ों की माने तो पिछले 6 महीनों (फरवरी तक) के दौरान करीब 22 लाख नई नौकरियां संगठ‍ित क्षेत्र (Organised Sector) में तैयार हुई हैं.

कर्मचारी भव‍िष्य निध‍ि संगठन (EPFO) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) की तरफ से जारी किए गए प्रोविजनल डेटा से ये जानकारी मिली है. इससे रोजगार उपलब्ध कराने के अवसर पर घिरती केंद्र सरकार की स्थ‍िति मजबूत होती दिखाई दे रही है.

EPFO द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी तक प‍िछले 6 महीनों के दौरान कुल 31 लाख लोगों ने संगठन के साथ खाता खोला. फरवरी महीने में कुल 4 लाख 72 हजार 75 जबकि जनवरी महीने में कुल 6 लाख 4 हाजर 557 नए एंप्लॉयीज प्रविडेंट फंड से जुड़े. आंकड़े बताते हैं कि सितंबर 2017 से फरवरी तक कुल 31 लाख 10 हजार लोगो इपीएफओ से जुड़े हैं.

इनमें से 18 से 25 साल की उम्र के सब्सक्राइबर्स को नई नौकरी ज्वाइन करने वालों के तौर पर गिना गया है. इनकी कुल संख्या 18.5 लाख है. विशेषज्ञों का कहना है कि 18 से 25 साल की उम्र वालों को अलग कर दें और सिर्फ इससे ज्यादा उम्र वालों के फंड से जुड़ने को देखा जाए, तो इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था का काफी हिस्सा धीरे-धीरे संगठ‍ित होता जा रहा है.

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नेशनल पेंशन सिस्टम(NPS) की आंकड़ों पर गौर किया जाये तो 6 महीनों के दौरान केंद्रीय और सरकारी क्षेत्र से 3 लाख 50 हजार लोगों ने नये खाते खोले. इस डाटा को मिलाने के बाद कुल नये रोजगार की संख्या 22 लाख के करीब पहुंच जाती है.

EPFO और NPS की तरफ से जारी यह डाटा मोदी सरकार के लिए काफी राहत देने वाला साबित होगा. बेरोजगार युवा और विपक्ष लगातार कम रोजगार को लेकर सरकार के प्रति हमलावर रुख अपनाए हुए है और देश में असंतोष भी व्याप्त है.

हमारे देश में वर्तमान समय में सालाना करीब डेढ़ करोड़ लोग रोजगार योग्य (Work Force) हो रहे हैं. लेकिन, देश की आबादी के अनुपात में नई नौकरियों की दर बहुत कम है. दिल्ली स्थित थिंक टैंक नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनैंस ऐंड पॉलिसी के अर्थशास्त्री 'न आर भानुमूर्ति' ने कहा, 'बेरोजगारी भारत की एक गंभीर समस्या है और हमें इसके परिणामों की चिंता जरूर करनी चाहिए.' स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांति घोष ने कहा, 'आंकड़े बताते हैं पिछले छह महीनों से हर महीने नौकरियों के सृजन में अच्छी वृद्धि हुई है

First published: 26 April 2018, 18:04 IST
 
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