Home » गवर्मेन्ट जॉब्स » Unemployed youth will have to wait for long time to job in Uttarakhand
 

इस राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए बुरी खबर, नौकरी के लिए करना पड़ेगा लंबा इंतजार

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 June 2020, 15:09 IST

Unemployed will have to wait for long time: कोरोना काल (Corona Period) में नौकरियां (Jobs) सबसे बड़ी समस्या (Big Problems) बन गई है. कोरोना के चलते किए गए लॉकडाउन (Lockdown) में करोड़ों लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं. वहीं सरकारी नौकरी (Government Jobs) की तैयारी कर युवाओं (Youth) को भी इससे बड़ा झटका लगा है. क्योंकि कोरोना वायरस (Corona Virus) के बढ़ते प्रकोप के चलते सरकार (Government) या आयोग अभी लंबित पड़ी परीक्षाओं (Exams) का आयोजन कराने के मूड में नहीं है.

ऐसे में सरकारी नौकरी की तैयारी में जुटे युवाओं को लंबा इंतजार करना पड़ सकता है. क्योंकि कोरोना के प्रकोप के चलते सोशल डिस्टेंसिंग में परीक्षाएं कराना सरकार के लिए मुसीबत बन गया है. ऐसा ही कुछ हाल उत्तराखंड में है. जहां उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों को लंबे वक्त तक इंतजार करना पड़ सकता है. यूूपीएसएसएससी का कहना है कि नए मानकों के चलते परीक्षा का खर्च तीन गुना हो गया है. इस कारण आयोग ने फिलहाल स्थिति सामान्य होने तक परीक्षाएं टालने का निर्णय लिया है.


लोकसभा सचिवालय में सुरक्षा सहायक के पदों पर निकली वैकेंसी, मिलेगी बंपर सैलरी

बता दें कि, चयन आयोग, एक परीक्षा फार्म के साथ आवेदक से परीक्षा शुल्क के रूप में औसतन 220 रुपये वसूलता है, जबकि परीक्षा कराने पर प्रति परीक्षार्थी लगभग तीन सौ रुपये का खर्च आता है. इस खर्च में मुख्य रूप से स्टेशनरी, परिवहन के साथ कक्ष निरीक्षकों की तैनाती शामिल है. इसके अलावा आयोग को परीक्षा केंद्र को भी कुछ भुगतान करना होता है. अब सोशल डिस्टेंस के मानक के अनुसार, आयोग को एक कमरे में अधिकतम 15 परीक्षार्थियों को ही बैठना है. इससे किसी भी परीक्षा को कराने में कमरों और कक्ष निरीक्षकों की संख्या दोगुनी करनी पड़ेगी है.

बिहार में वनरक्षी और वनपालों के पदों पर हो रही भर्ती, ये है शैक्षिक योग्यता और आवेदन का तरीका

यहां स्वास्थ्य विभाग में निकली 2000 पदों पर वैकेंसी, ये है शैक्षिक योग्यता और आवेदन का तरीका

इसके अलावा आयोग को परीक्षा केंद्र को भी कुछ भुगतान करना होता है. अब सोशल डिस्टेंस के मानक के अनुसार, आयोग को एक कमरे में अधिकतम 15 परीक्षार्थियों को ही बैठना है. इससे किसी भी परीक्षा को कराने में कमरों और कक्ष निरीक्षकों की संख्या दोगुनी करनी पड़ेगी है. इसके अलावा भी आयोग को केंद्रों पर संक्रमण रोकने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ेंगे जिससे खर्च और बढ़ जाएगा. कुल मिलाकर नई व्यवस्था में आयोग को प्रति परीक्षार्थी लगभग नौ सौ रुपये का खर्च उठाना पड़ सकता है. यदि परीक्षा ऑनलाइन भी कराई जाती है तो भी यह खर्च छह सौ रुपये प्रति परीक्षार्थी बैठता है.

पुलिस विभाग में नौकरी करने का शानदार मौका, आठवीं पास करें अप्लाई

आयोग का कहना है कि, आबकारी सिपाही, परिवहन विभाग, प्रवर्तन सिपाही और सहायक कृषि अधिकारी के पदों के लिए आगामी महीनों में परीक्षाओं का आयोजन करना है, लेकिन सोशल डिस्टेंस के मानकों के चलते परीक्षा का खर्च तीन गुना बढ़ रहा है. इसके चलते फिलहाल हालात सामान्य होने तक परीक्षा नहीं कराने का निर्णय लिया गया है. हालांकि सरकार से जो भी निर्देश मिलेंगे उसी के अनुरूप कदम उठाए जाएंगे.

डाक विभाग में नौकरी करने का शानदार मौका, बिना परीक्षा होगा उम्मीदवारों का चयन

First published: 11 June 2020, 15:09 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी