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UPPSC: पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई, इन अधिकारियों पर गिरी आयोग की गाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2018, 13:56 IST

UPPSC: उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन ने पीसीएस-2017 की मुख्य परीक्षा के पेपर लीक मामले में कड़ी कार्रवाई की है. जून महीने में हुई लिखित परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में जांच पूरी होने के बाद में आयोग ने प्रश्न पत्र छापने वाले प्रिंटिंग प्रेस, संबंधित स्टैटिक मजिस्ट्रेट और इलाहाबाद के गवर्नमेंट इंटर कॉलेज को इस गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदार माना है और सभी आरोपियों के खिलाफ के खिलाफ कार्रवाई की है.

प्रिंटिंग प्रेस को दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है और साथ ही साथ उसके पिछले बकाए बिल का भुगतान भी नहीं करने का निर्देश दिया है.

इलाहाबाद के जिस गवर्नमेंट इंटर कालेज में प्रश्न पत्र की अदला बदली की गई थी उसे 3 वर्षों के लिए प्रतिबंधित करते हुए कमीशन के किसी भी इम्तहान में सेंटर नहीं बनाने का फैसला लिया है. इंटर कालेज के प्राध्यापक और उस दिन सेंटर पर गार्डिंग कर रहे 36 शिक्षकों, कर्मचारियों की 3 साल तक आयोग के किसी भी एग्जाम में ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा.

पेपर लीक मामले की जांच रिपोर्ट में उस दिन एडिशनल प्रवेछक के तौर पर काम कर रहे आयोग के समीक्षा अधिकारी को भी जिम्मेदार माना गया है. उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने का फैसला लिया गया है. स्टैटिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी सरकार से सिफारिश की गई है. उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन के सचिव के मुताबिक़ इसके ज़रिए सख्त संदेश देने की कोशिश की गई है.

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19 जून को लीक हुआ था मुख्य परीक्षा का दो पेपर

गौरतलब है की उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस 2017 की लिखित मुख्य परीक्षा के दो पेपर लापरवाही की वजह से  लीक हो गए थे. इसे लेकर उम्मीदवारों ने काफी हंगामा किया था. इलाहाबाद में उम्मीदवारों ने काफी बबाल किया था और इस दौरान हिंसक प्रदर्शन और  आगजनी भी हुई थी. कई छात्रों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था.

बाद में कमीशन ने लीक हुए दोनों पेपर सामान्य हिन्दी और निबंध की परीक्षाएं रद्द कर इन्हे नए सिरे से कराए जाने का फैसला किया था. पेपर लीक होने की वजह से आयोग की काफी किरकिरी भी हुई थी.

First published: 5 August 2018, 12:52 IST
 
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