Home » Lok Sabha Elections 2019 » EC denies permission to six Congress campaign videos, party alleges pressure from Centre
 

राफेल पर बनाये वीडियो चुनाव आयोग ने रोके, कांग्रेस ने लगाए ये आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 April 2019, 13:20 IST

कांग्रेस ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर सरकार के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया. कांग्रेस पार्टी का कहना है कि आयोग ने छह चुनाव से संबंधित वीडियो प्रसारित करने की अनुमति दी, जिसमें राफेल जेट सौदे का जिक्र शामिल था. पार्टी ने फैसले की समीक्षा की मांग की है.

मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया सेल की प्रमुख शोभा ओझा ने कहा, "चुनाव आयोग ने हमारे छह चुनाव विज्ञापनों को विभिन्न आधारों पर खारिज कर दिया. इन अभियान टीज़र में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था और ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग पर केंद्र का दबाव है." चुनाव आयोग ने कहा कि उसने वीडियो पर इसलिए आपत्ति जताई क्योंकि क्योंकि मामला अदालत में है.

 

हालांकि, ओझा ने दावा किया कि चूंकि विज्ञापन व्यंग्य था, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया होगा.  राफेल विमानों की खरीद के लिए भारत-फ्रांस सौदे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर लड़ाकू विमानों के लिए अधिक भुगतान का आरोप लगाया है और दावा किया है कि इस सौदे से अनिल अंबानी को फायदा हुआ है.

दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे में केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच की मांग वाली याचिका सहित जनहित याचिकाओं के एक समूह को खारिज कर दिया. अदालत ने कहा था कि "सौदे में केंद्र की निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं था". आदेश के खिलाफ एक समीक्षा याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट से जल्द ही फैसला होने की उम्मीद है.

बालाकोट एयर स्ट्राइक और 10% आरक्षण से पीएम मोदी को मिलेगा चुनावी फायदा : सर्वे

हालांकि, ओझा ने दावा किया कि चूंकि विज्ञापन व्यंग्य था, इसलिए सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मामले में हस्तक्षेप नहीं किया गया होगा.  राफेल विमानों की खरीद के लिए भारत-फ्रांस सौदे में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर लड़ाकू विमानों के लिए अधिक भुगतान का आरोप लगाया है और दावा किया है कि इस सौदे से अनिल अंबानी को फायदा हुआ है.

दिसंबर में सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे में केंद्रीय जांच ब्यूरो की जांच की मांग वाली याचिका सहित जनहित याचिकाओं के एक समूह को खारिज कर दिया. अदालत ने कहा था कि "सौदे में केंद्र की निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं था". आदेश के खिलाफ एक समीक्षा याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट से जल्द ही फैसला होने की उम्मीद है.

बालाकोट एयर स्ट्राइक और 10% आरक्षण से पीएम मोदी को मिलेगा चुनावी फायदा : सर्वे

First published: 5 April 2019, 11:08 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी