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PM मोदी के हेलीकॉप्टर की जांच करने वाले IAS ने तोड़ी ख़ामोशी, कही ये बड़ी बात

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 April 2019, 11:07 IST

 पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर चेकिंग के आरोप में निलंबन झेल रहे आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने पहली बार अपनी ख़ामोशी तोड़ी है. आईएएस का कहना है कि उन्होंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया और वे अपने खिलाफ इन आरोपों से अनजान थे. मोहसिन ने कहा कि “मैंने चुनाव आयोग के दिशानिर्देशों के पत्र और भावना के अनुसार सख्ती से काम किया. मैंने किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है और मैंने इस मामले में कुछ भी गलत नहीं किया है''.

मोहसिन ने कहा ''यही कारण है कि मैंने मेरे खिलाफ रिपोर्ट की एक प्रति मांगी, लेकिन उन्होंने अभी तक इसे साझा नहीं किया है. मैं इस मामले में लड़ रहा हूं''. 1996 के कर्नाटक कैडर के अधिकारी, मोहसिन ओडिशा में संबलपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए सामान्य पर्यवेक्षक के रूप में कार्य कर रहे थे, जहां प्रधानमंत्री ने 17 अप्रैल को एक रैली को संबोधित किया था.

चुनाव आयोग के आदेश में कहा गया था कि मोहसिन ने एसपीजी द्वारा संरक्षित निर्देशों के अनुरूप काम नहीं किया है. जिसके बाद उन्हें अगली सूचना तक चुनाव ड्यूटी से रोक दिया. मोहसिन ने कहा “जब घटना हुई तब मैं घटनास्थल पर नहीं था. हेलीपैड पर क्या हुआ मुझे इसकी जानकारी नहीं है. मैंने केवल मीडिया रिपोर्ट्स पढ़ी हैं, जिनकी मैं न तो पुष्टि कर सकता हूं और न ही इनकार कर सकता हूं.

उस दिन की घटनाओं के बारे में बताते हुए मोहसिन ने कहा कि उसने हेलिपैड का दौरा किया था, जहां प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर पार्क किया गया था. उन्होंने कहा “पर्यवेक्षक का कर्तव्य है कि वीडियो टीमों का उचित तरीके से उपयोग किया जाए. इसलिए, मैंने उन्हें सलाह दी और वहां से निकल गया. मैं समारोह स्थल पर गया और पांच मिनट तक पुलिस कंट्रोल रूम में बैठा रहा. तब तक कलेक्टर मेरे साथ शामिल हो गए थे ... बाद में डीसी के कार्यालय में बैठे हुए मुझे उप मुख्य चुनाव आयुक्त का फोन आया और पूछा गया कि क्या मैंने फ्रिस्किंग करने का आदेश दिया है, जिसे मैंने अस्वीकार कर दिया.

First published: 27 April 2019, 11:07 IST
 
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