Home » Lok Sabha Elections 2019 » indelible ink for loksabha chunav ordered by election commission
 

चुनाव में वोटर्स के अंगूठे पर लगने वाली स्याही की कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 March 2019, 13:10 IST

लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं. निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव को कराने की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं. चुनाव का सबसे प्रमुख और अहम हिस्सा होता है अंगूठे पर लगने वाली स्याही. क्या आप इस स्याही की कीमत जानते हैं.

इस साल चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा 26 लाख बोतलों का ऑर्डर दिया गया है. इस स्याही को लगभग 90 करोड़ मतदाताओं के अंगूठे पर लगाया जाएगा. आपको जानकर हैरानी होगी की ये मामूली सी दिखने वाली स्याही की कीमत करीब 33 करोड़ रुपये है. 

बता दें कि 11 अप्रैल से लोकसभा चुनाव शुरू होंगे, जो 19 मई को समाप्त होगा. इस बार चुनाव सात चरणों में होने जा रहा है. वहीं, मतगणना 23 मई को होगी. 

इस बार स्याही की कीमतों में तीन गुना बढ़ावा हुआ है. पिछले चुनाव में हम नजर डालें, तो 2009 में स्याही 12 करोड़ रुपए की आई थी. 2014 की तुलना में इस बार स्याही 4.5 लाख बोतलें ज्यादा मंगवाई गई हैं. मालूम हो कि प्रत्येक बोतल में 10 मिलीलीटर स्याही होती है. 350 वोटर्स को एक बोतस से निशान लगाया जाता है.

धीरे-धीरे स्याही की खबर ज्यादा होने लगी. इसका कारण ये है कि वर्ष 2004 तक वोटर्स के अंगूठे पर सिर्फ एक डॉट लगाया जाता था. इसके बाद निर्वाचन आयोग द्वारा निर्देश दिया गया कि 2006 से मदताओं के अंगूठे पर लंबी सीधी लाइन के निशान बनाएं जाएंगी. इस कारण स्याही की खपत ज्यादा होने लगी. बता दें कि हर पोलिंग बूथ को 2 बोतलें दी जाती हैं. वहीं, सबसे ज्यादा स्याही की खपत उत्तर प्रदेश में होती है. जहां करीब 3 लाख बोतलें खर्च होती हैं. वहीं सबसे कम स्याही का इस्तेमाल लक्षद्वीप में होता है, जहां सिर्फ 200 बोतल स्याही का ही इस्तेमाल किया जाता है.

दिल्ली में चाहते हैं आशियाना तो आज ही बुक करें DDA फ्लैट, पढ़ें कैसे करें अप्लाई

First published: 25 March 2019, 13:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी