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प्रशांत किशोर के साथ मिलकर जगन ने ऐसे लिखी आंध्र में जीत की इबारत

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 May 2019, 17:21 IST

आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी को मार्च 2011 में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की स्थापना के बाद से पिछले आठ वर्षों में की गई कड़ी मेहनत का प्रतिफल मिला है. साथ ही इसे रणनीतिकार प्रशांत किशोर और उनकी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPAC) की टीम की अगुवाई में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. गुरुवार को जब चुनाव के परिणाम आ रहे थे तब प्रशांत किशोर जगन मोहन के साथ उनके कार्यालय में बैठकर नतीजे देख रहे थे.

प्रशांत को मई 2017 में जगन के विशेष सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था और उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी और एन चंद्रबाबू नायडू से मुकाबले की रणनीति तैयार की. नायडू को हराने के लिए उनकी कई रणनीतियों में से एक आंध्र प्रदेश को विशेष श्रेणी की स्थिति (एससीएस) का दर्जा देना था. 6 नवंबर, 2017 को जगन ने प्रजा संकल्प यात्रा ’के माध्यम से एससीएस का मुद्दा उठाया और कहा कि नायडू राज्य के लिए सक्षम नहीं हैं.

2014 में टीडीपी ने बीजेपी की मदद से 2 फीसदी से भी कम मतों के मामूली अंतर से जीत दर्ज की. आंध्र की राजनीति समझने वालों का कहना है कि जगन की सफलता के पीछे IPAC द्वारा किया गया काम है जिसकी स्थापना प्रशांत किशोर ने की थी और जिसे उन्होंने जद (यू) में स्थानांतरित करने के बाद भी जारी रखा.

 

आईपीएसी वाईएसआरसीपी का मुख्य अभियान वाहन था और मई 2017 से यह वाईएसआरसीपी के लिए 17 ऑन-ग्राउंड और 18 ऑनलाइन सहित 35 अभियानों का प्रबंधन करने में शामिल था. 14 महीने की लंबी प्रजा संकल्प यात्रा के दौरान जगन ने राज्य के लगभग 2 करोड़ लोगों से सीधे बातचीत की. इसके बाद जगन अन्ना पिलुपु अभियान था, जिसमें जगन ने 60,000 से अधिक गांव-स्तर के तटस्थ प्रभावितों को व्यक्तिगत पत्र लिखे और आंध्र प्रदेश के विकास का खाका बनाने के लिए उनके इनपुट मांगे.

जगन का प्रत्यक्ष आउटरीच केवल मतदाताओं और प्रभावितों तक ही सीमित नहीं था, उन्होंने समारा शंकरवम के बैनर तले 5 लाख वाईएसआरसीपी बूथ कार्यकर्ताओं के साथ जिलेवार बैठक की एक श्रृंखला भी आयोजित की. IPAC ने पिछले 2 वर्षों में YSRCP को 5 संपूर्ण डोर-टू-डोर अभियानों का संचालन करने में मदद की.

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First published: 24 May 2019, 17:08 IST
 
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