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91% शहरी प्रवासियों का वोटर लिस्ट में नहीं है नाम, बहुत से लोग इस बात से अंजान

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 April 2019, 9:11 IST

लोकसभा चुनाव 2019 का तीसरा चरण समाप्त हो चुका है. ये चुनाव 7 चरणों में होगा. चुनाव में सभी अपने मतदान का प्रयोग कर अपने पसंदीदा नेता का चुनाव करते हैं. लेकिन बहुत से ऐसे लोग होते हैं.

मतदान ही देना पसंद नहीं करते हैं. तो वहीं कई ऐसे लोग भी हैं, जिनका मतदान सूची में नाम ही नहीं है. नेस्टअवे टेक्नोलॉजी द्वारा एक अध्ययन किया गया है, जो बेहद ही चौंकाने वाला है. इस अध्यन के मुताबिक, देश में 91% ऐसे शहरी प्रवासी हैं, जिसका मतदान सूची में नाम ही रजिस्टर्ड नहीं है. ये लोग ऐसे हैं, जिन्होंने नौकरी, व्यापार, शिक्षा और शादी के कारण दूसरे शहर में निवास कर लिया हो.

अध्ययन में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि देश के 73% प्रवासी शहरी ये तक नहीं जानते हैं कि दूसरे शहर में जाने के बाद वोटिंग लिस्ट में नाम कैसे जुड़वाना है. चुनाव आयोग, इस कार्यों के लिए कई सरकारें और कई गैर सरकारी संस्थाएं मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए जागरूकता अभियान चला रही है. 

इसी के साथ-साथ अब चुनाव आयोग सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी दे रही है. देश के 75% लोग ही इस चुनाव में मतदान करना चाहते हैं, जबकि 63% प्रवासियों को इस बात का भ्रम है कि वे दूसरे शहर में रहकर मतदान नहीं कर सकते हैं. 

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एसबीआई के अध्ययन में भी कुछ ऐसी ही बात सामने आई है कि नौकरी, शिक्षा आदि के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य में पलायन करने वाले मतदाताओं की संख्या भी मतदान प्रतिशत को प्रभावित कर सकती है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि यूपी, बिहार, ओडिशा, राजस्थान और जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों में मतदान दर में गिरावट मतदाताओं के राज्य छोड़ने से आई है.

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First published: 25 April 2019, 9:11 IST
 
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