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हार्दिक पटेल का लोकसभा चुनाव लड़ने का सपना चकनाचूर, सुप्रीम कोर्ट ने भी दिया झटका

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2019, 12:18 IST

लोकसभा चुनाव लड़ने की कवायद में लगे हार्दिक पटेल को गुजरात हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है. इसके साथ ही उनके चुनाव लड़ने की उम्मीदें चकनाचूर हो गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने मेहसाणा हिंसा मामले में हार्दिक पटेल की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के बाद यह साफ हो गया है कि अब हार्दिक पटेल आगामी चुनाव में हिस्सा नहीं ले पाएंगे. इससे पहले हार्दिक ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में अपील की थी, लेकिन वहां से भी उनको झटका लगा था.

 

गुजरात हाई कोर्ट ने हार्दिक पटेल पर दंगा भड़काने के मामले में सजा खत्म करने से इनकार कर दिया था. बता दें कि साल 2015 में जुलाई में पाटीदार आंदोलन के वक्त मेहसाणा में एक दंगा हुआ था, इस मामले में कोर्ट ने हार्दिक को 2 साल की सजा सुनाई थी. लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के मुताबिक, सजायाफ्ता व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता. रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपल एक्ट 1951 के तहत वो चुनाव नहीं लड़ सकते.

हाईकोर्ट ने हार्दिक पटेल को निचली अदालत से मिली सजा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी और पिछले दिनों ही इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया था. हार्दिक ने 8 मार्च को अपनी याचिका में अपील की थी कि उन्हें देशद्रोह के मामले में मिली सजा पर रोक लगा दी जाए. 

हाल ही में हार्दिक कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे. माना जा रहा था कि कांग्रेस उन्हें जामनगर सीट से टिकट दे सकती है. उन्होंने भी लोकसभा चुनाव लड़ने का एलान किया था. लेकिन उनके चुनाव न लड़ने से कांग्रेस पार्टी को भी बड़ा झटका लगेगा. हालांकि वह चुनाव प्रचार कर सकते हैं.

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First published: 2 April 2019, 12:10 IST
 
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