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मुस्लिम महिलाओं ने राजनीतिक दलों के लिए जारी किया चुनावी मेनिफेस्टो, रखी ये मांगें

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 March 2019, 12:00 IST

मुस्लिम महिलाओं के अधिकार संगठनों के एक समूह ने लोकसभा चुनावों में राजनीतिक दलों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून बनाने की मांग की गई है. भीड़ हिंसा के खिलाफ एक विशेष कानून के अलावा, 39-बिंदु घोषणापत्र में गोहत्या और इसकी बिक्री पर प्रतिबंधों को निरस्त करने की मांग की गई. इसके अलावा संसद में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण, धर्मांतरण विरोधी कानूनों को खत्म करने, सच्चर समिति की रिपोर्ट को लागू करने के लिए कहा गया है.

घोषणापत्र में यह भी मांग की गई कि मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अध्यादेश 2019 को खत्म कर दिया जाए. अध्यादेश तत्काल ट्रिपल तालक की प्रथा को दंडनीय अपराध बनाता है. 10 राज्यों की मुस्लिम महिलाएं घोषणापत्र जारी करने के लिए दिल्ली में एकत्र हुईं, जिसमें लैंगिक समानता, अल्पसंख्यक सुरक्षा और नागरिकता अधिकारों से संबंधित मांगों को सूचीबद्ध किया गया.

 

एक रिपोर्ट के अनुसार इसमें शामिल हसीना शेख ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने रणनीतिक रूप से मुस्लिम महिलाओं का इस्तेमाल समुदाय के ध्रुवीकरण और एक अध्यादेश के माध्यम से ट्रिपल तलाक़ के कृत्य का अपराधीकरण करने के लिए किया है. इसमें वह सामूहिक याचिकाकर्ताओं भी मौजूद थी जिसमे तत्काल ट्रिपल तलाक़ मामले की वैधता को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी.

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First published: 28 March 2019, 12:00 IST
 
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