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PM मोदी पर चुनावी हलफनामे में ये जानकारी छिपाने का आरोप, SC में याचिका दायर

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 April 2019, 14:06 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनावी हलफनामे में संपत्ति की जानकारी छिपाने का आरोप लगाते हुए एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है. न्यूज़ वेबसाइट लाइव लॉ के अनुसार यह याचिका पूर्व पत्रकार साकेत गोखले ने दायर की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि नरेंद्र मोदी 1998 से गुजरात सरकार द्वारा आबंटित भूमि के लाभार्थी थे. इस नीति के तहत विधायकों को सार्वजनिक जमीनों को कम कीमत पर आवंटित किया गया था.

याचिकाकर्ता का कहना है कि मोदी द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए संपत्ति के ब्यौरे में गुजरात सरकार द्वारा उन्हें आवंटित भूमि के के बारे में जानकारी नहीं दी गई है. रिपोर्ट के अनुसार मोदी ने 2007 में गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान अपने हलफनामे में प्लॉट नं. 411 की जानकारी दी थी. लेकिन 2014 के लोकसभा चुनाव और 2015, 2016 तथा 2017 में प्रधानमंत्री द्वारा अपनी संपत्ति की घोषणा में इस प्लाट का कोई जिक्र नहीं किया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार गुजरात सरकार द्वारा गांधी नगर में भूमि का एक भूखंड मोदी सरकार को 1,30,448 रुपये में आवंटित किया गया था. याचिकाकर्ता का दावा है कि भूमि का रिकॉर्ड अभी भी स्पष्ट रूप से उल्लेख करता है" कि आवंटित भूमि अभी भी मोदी की थी.

 

एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार विधायकों को कम कीमत पर जमीन आबंटन की इस नीति पर विवाद हो चुका है. गुजरात हाईकोर्ट ने साल 2000 में इस पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया. दो नवंबर 2012 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिया था कि वह जल्द इस पर सुनवाई करे. सुप्रीम कोर्ट कहा था कि इस नीति के तहत आवंटन नहीं होना चाहिए.

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First published: 16 April 2019, 14:06 IST
 
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