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अटल सरकार के सबसे युवा चेहरे को मोदी-शाह के राज में खामोश कर दिया गया है ?

सुनील रावत | Updated on: 23 March 2019, 13:03 IST

एनडीए ने बिहार में लगभग अपने सभी उम्म्मीवारों के नामों की घोषणा कर दी है. एनडीए ने इस बार भागलपुर लोकसभा सीट से शाहनवाज हुसैन की जगह जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अजय कुमार मंडल को टिकट दिया है. हालांकि 2014 के लोकसभा चुनावों में शाहनवाज हुसैन यहां से महज 8 हजार वोटों से चुनाव हार गए थे लेकिन वह यहां सबसे लोकप्रिय नेता माने जाते हैं. वहीं शाहनवाज हुसैन की पहचान बीजेपी के गिने-चुने मुस्लिम चेहरों में है.

एक रिपोर्ट की माने तो हुसैन का टिकट कटने से यहां कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी है. शाहनवाज हुसैन का टिकट कटने की खबर मिलने बाद नौवगछिया अनुमंडल के सभी पार्टी पदाधिकारियों ने इस्तीफा देने की धमकी दी है. जनतादल यूनाइटेड से गठबंधन करने के कारण बीजेपी को अपनी कई कई उम्मीदवारों के टिकट काटने पड़े हैं. उदाहरण के लिए सीवान से बीजेपी सांसद ओमप्रकाश यादव ने अपनी सीट जेडीयू को दिए जाने पर कहा कि उन्हें ईमानदारी से काम करने का ईनाम मिला है.

शाहनवाज हुसैन की गिनती अटल बिहारी सरकार में बड़े चेहरों की की जाती थी. वाजपेयी सरकार में खास पहचान रखने वाले आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, भुवन चंद्र खंडूरी और शाहनवाज जैसे कई नेता मोदी-शाह की बीजेपी में बाहर कर दिए गए हैं. मोदी सरकार में शाहनवाज को कुछ ख़ास जिम्मेदारी नहीं दी गई लेकिन वह पार्टी प्रवक्ता के तौर पर टेलीविजन पर पीएम मोदी के बचाव में कभी पीछे नहीं रहे.

वह 1999 में 13वीं लोकसभा में चुने गए शाहनवाज को राज्य मंत्री नियुक्त किया गया था. उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, युवा मामले और खेल, मानव संसाधन विकास जैसी जिम्मेदारियां संभाली. उन्हें 2001 में कोयला मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया था और सितंबर 2001 में नागरिक उड्डयन विभाग के साथ एक कैबिनेट मंत्री के पद पर पदोन्नत किया गया था. जिससे वे भारत सरकार में सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बने. बाद में उन्होंने 2003 से 2004 तक कपड़ा मंत्री के रूप में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया.

शाहनवाज हुसैन में हालही में एक टीवी कार्यक्रम ने कहा कि मुसलमानों में मोदी के प्रति विश्वास बढ़ा है, खासकर महिलाओं के बीच वह खासे लोकप्रिय हुए हैं. हुसैन ने कहा, "2019 के चुनावों में मुसलमानों के पसंदीदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, क्योंकि वे देश के सभी 132 करोड़ लोगों को भारतीय के रूप में देखते हैं. अन्य दलों ने उन्हें वोट बैंक के रूप में देखा है." गौरतलब है कि 130 करोड़ आबादी वाले देश में मुस्लिमों वोटर उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, कर्नाटक, केरल अहम भूमिका निभाते हैं.

 BJP के इस बुजुर्ग नेता को पहले से ही था अंदाजा कि कटने वाला है उनका टिकट ?

First published: 23 March 2019, 13:03 IST
 
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