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अमित शाह की वो रणनीति क्या थी जिसने बीजेपी को पहुंचा दिया 300 के पार ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 May 2019, 12:10 IST

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह लगातार 22 करोड़ लोगों तक पहुंचने का जिक्र करते रहे हैं. अमित शाह कहते रहे हैं कि मोदी सरकार की योजनाएं 22 करोड़ लोगों तक पहुंची है और दावा किया कि बीजेपी को साल 2019 के लोकसभा चुनावों में 300 से ज्यादा सीटें मिलेगी. शाह ने कहा था कि "इस आधार पर हमने एक विशाल लाभार्थी वर्ग में अभियान चलाया. एक रिपोर्ट की माने तो इस लाभार्थी आउटरीच अभियान ने 161 कॉल सेंटर और 15,600 कॉलर्स के माध्यम से 18 करोड़ लाभार्थियों को पार्टी से जोड़ा.

इन सीटों पर थे सबसे ज्यादा लाभार्थी

शाह ने घोषणा की कि पार्टी इसके माध्यम से 24.81 करोड़ लोगों तक पहुंच गई है. रिपोर्ट के अनुसार लाभार्थियों में 6 करोड़ महिलाएं थीं और उनमें से 20 प्रतिशत दक्षिण में थीं. रिपोर्ट के अनुसार जिन सीटों पर सबसे ज्यादा लाभार्थी थे उनमें उत्तर प्रदेश में 19 सीटें और महाराष्ट्र में चार सीटें थीं, जिनमें आठ लाख लाभार्थी थे. जमीन पर कुल 14 करोड़ लोगों से संपर्क किया गया था और 6 करोड़ एसएमएस और इंटरेक्टिव फोन कॉलिंग के जरिए पहुंचे थे.

ऐसे पहुंचे लोगों तक बीजेपी वर्कर

यह काम 2014 की जीत के ठीक बाद शुरू हुआ, जब मई 2015 तक शाह के राष्ट्रीय सदस्यता अभियान में 11 करोड़ से अधिक मिस्ड कॉल एकत्र हुए और उनके पास पहुंचे. यह डेटाबेस शाह के इशारे पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा एकत्र किए गए लाभार्थियों के डेटा में सबसे ऊपर था. सूत्रों का दावा है कि लाभार्थियों के डेटा का प्रारंभिक संग्रह 3 करोड़ लाभार्थियों की तर्ज पर था.

 

चुनावों के करीब जुलाई 2018 में शाह ने पार्टी महासचिव भूपेंद्र यादव को इस डेटाबेस को फिर से जोड़ने का काम सौंपा. टीम ने प्रत्येक तीन लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए औसतन 30 कॉलर्स के साथ एक कॉल सेंटर स्थापित किया, जो स्थानीय रूप से तैयार किए गए और राजनीतिक संचार में प्रशिक्षित थे. चुनाव प्रचार के अंतिम कुछ महीनों में 2015 के मिस्ड कॉल डायलर और पार्टी कार्यकर्ता भाजपा के दो अभियानों में लाभार्थियों के घरों में नए सिरे से पहुंचे. फरवरी में, मेरा परिवार BJP परिवार में कार्यकर्ता और सहानुभूति रखने वाले लाभार्थियों से मिलने गए उनसे एक मिस्ड कॉल प्राप्त की और उनके घर के सामने एक झंडा लगा दिया.

कमल ज्योति संकल्प में वर्करों ने लाभार्थियों से उन्हें अधिक लाभार्थियों से मिलाने के लिए कहा, पहले से ही एकत्र 10 करोड़ मिस्ड कॉल में एक और 8 करोड़ फोन नंबर जोड़ दिए. रिपोर्ट के अनुसार भाजपा ने जार्विस टेक्नोलॉजीज नामक एक कंपनी की सेवाओं का उपयोग बूथों पर संख्याओं को मैप करने के लिए किया ताकि कॉल सेंटर लक्षित अभियान चला सकें. कॉल सेंटर का संचालन दिसंबर में शुरू हुआ और 11 अशोका रोड से निगरानी की गई.

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First published: 24 May 2019, 12:10 IST
 
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