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भोपाल एनकाउंटर: एटीएस प्रमुख ने कहा, मारे गए आठों कैदियों के पास नहीं थे हथियार

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 November 2016, 15:34 IST
(पत्रिका)

भोपाल सेंट्रल जेल से पहले फरार और बाद में एनकाउंटर के जरिए मारे गए प्रतिबंधित संगठन सिमी के आठ कैदियों के बारे में एक बड़ा खुलासा हुआ है. इस मामले में मध्य प्रदेश एटीएस के प्रमुख संजीव शमी ने कहा है कि एनकाउंटर में मारे गए आठों कैदियों के पास कोई हथियार नहीं थे.

एटीएस प्रमुख शमी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि पुलिस ने उन्हें गोली मारकर कोई कानून नहीं तोड़ा, अगर उन्होंने यह सोचा कि खूंखार आतंकी फरार हो रहे हैं.

शमी ने कहा कि पुलिस तब भी अधिकतम फोर्स का प्रयोग कर सकती है जब कि उन पर गोलियां नहीं चलाई गई हों. बता दें कि शमी के टीम के सदस्य भी एनकाउंटर करने वाली टीम के करीब थे.

वहीं एटीएस प्रमुख शमी के बयान से पहले भोपाल के आईजी योगेश चौधरी यह कह चुके हैं कि मारे गए कैदियों के पास से चार देसी कट्टे मिले थे और एनकाउंटर से पहले उन्होंने पुलिसवालों पर गोलियां भी चलाई थीं.

बताया जा रहा है कि मारे गए सभी आठ कैदियों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी आ गई है. जिसमें बताया गया है कि सभी कैदियों को कमर से ऊपर गोलियां लगी हैं और हर कैदी को कम से कम दो गोली लगी.

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने इस मामले में बताया कि आठों की मौत गोली लगने से हुई है और उनके शरीर पर कुछ खरोंचें हैं, लेकिन कोई अन्य चोट उनके शरीर पर नहीं है.

इसके अलावा मारे गए सिमी कार्यकर्ताओं के वकील ने भी पुलिस पर आरोप लगाया है कि दरअसल जेलब्रेक की पूरी घटना ही फर्ज़ी थी.

उन्होंने कहा कि भोपाल सेंट्रल जेल से भागने के बाद मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा मुठभेड़ में मार गिराए स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आठ लोगों का एनकाउंटर फर्जी है.

वकील परवेज़ आलम ने पुलिस के उस दावे पर सवाल खड़े किए हैं जिसमें कहा गया था कि कैदियों ने कई ऊंची-ऊंची दीवारें फांदीं और कड़ी सुरक्षा वाली सेंट्रल जेल के दरवाज़ों में लगे ताले टूथब्रश से बनी चाबियों से खोल डाले.

आलम ने कहा कि मारे गए इन आठ लोगों के परिवार वाले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट जाएंगे और पुलिस द्वारा उन्हें मार गिराए जाने की सीबीआई से जांच की मांग करेंगे. मारे गए लोगों के परिवार वालों ने दावा किया है कि उन सभी की सोच-समझकर 'हत्या' की गई है.

First published: 2 November 2016, 15:34 IST
 
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