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जब रिश्वत देने से परेशान हो गया किसान तो तहसीलदार की गाड़ी से बांध दी भैंस और बोला...

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 February 2019, 13:12 IST

मध्यप्रदेश से एक अजीबोगरीब मामला सामने है जहां एक किसान ने तहसीलदार की जीप से ही भैंस बांध दी. किसी सरकारी अफसर की जीप से भैंस बांधने की वजह भी बेहद हैरान कर देने वाली है. मामला, मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले का है. जहां एक किसान ने रिश्वत देने से परेशान होकर तहसीलदार की जीप से अपनी भैंस बांध दी.

जानकारी के मुताबिक किसान लक्ष्मण यादव जब रिश्वत देने से परेशान हो गया तो उसने तहसीलदार सुनील वर्मा की गाड़ी से अपनी भैंस बांध दी. किसान ने आरोप लगाया है कि अफसर ने उससे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी. उसके बाद उसने अपनी भैंस को तहसीलदार की गाड़ी से बांध दिया. इस मामले में एसडीएम वंदना ने कहा कि, "हमने किसान से कहा है कि औपचारिक शिकायत दर्ज करवाएं, हम मामले की जांच करेंगे."

वहीं किसान का कहना है कि उसके पास तहसीलदार को देने के लिए और कुछ नहीं है. उसका कहना है कि ये कैसा सिस्टम है, 50 हजार रुपये रिश्वत देने के बाद भी जमीन का नामांतरण नहीं हुआ और अब दोबारा 50 हजार रुपये मांगे गए हैं. किसान ने अपनी भैंस गाड़ी से बांधने के बाद हाथ जोड़ लिए और तहसीलदार से कहा कि, साहब अब कुछ और नहीं है आपको देने के लिए.

बताया जा रहा है कि जब किसान सरकारी अफसरों को रिश्वत देने से परेशान हो गया तो उसने अपनी भैंस तहसीलदार की गाड़ी से बांध दी. उसके बाद पुलिस ने भैंस को खोलकर पेड़ से बांध दिया. इस मामले में कलेक्टर ने एसडीएम को जांच के आदेश दे दिए हैं.

जानकारी के मुताबिक देवपुर के लक्ष्मण यादव ने पांच साल पहले जमीन खरीदी थी. पंजी भरने का काम भी पटवारी ने कर दिया था, लेकिन तहसीलदार सुनील वर्मा नामांतरण नहीं कर रहा था. उसने लक्ष्मण से कहा कि केस चलाओ, प्रकरण पेश करो, बाद में नामांतरण की कार्रवाई होगी.

उसके बाद तहसीलदार वर्मा ने 50 हजार रुपये की रिश्वत भी मांगी. लेकिन गरीब किसान ने बड़ी मुश्किल से ये राशि जमा की और उन्हें दे दी. उसके बाद भी किसान का काम नहींं हुआ. इसके बाद जब एसडीएम से किसान ने निवेदन किया तो उन्होंने नामांतरण के लिए आदेश दिए लेकिन तहसील कार्यालय फिर भी अड़ा रहा. किसान का कहना है कि जब वह दोबारा तहसीलदार के पास गया तो उसने फिर से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग की.

'पीएम किसान योजना 'वोट के लिए रिश्वत है'

First published: 24 February 2019, 13:12 IST
 
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