Home » मध्य प्रदेश » Madhya Pradesh: Assembly adjourned till 26 March, CM Kamal Nath wrote to the Governor
 

मध्य प्रदेश: टली कमलनाथ की मुसीबत, विधानसभा 26 मार्च तक स्थगित, आज फ्लोट टेस्ट नहीं

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 March 2020, 11:52 IST

मध्य प्रदेश विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित किया गया है. अब सोमवार को फ्लोर टेस्ट नहीं होगा. स्पीकर एनपी प्रजापति ने सोमवार को फ्लोर टेस्ट आयोजित किए बिना विधानसभा को 26 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया. इससे पहले सोमवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल लालजी टंडन ने अपना अभिभषण पढ़ा. उन्होंने कहा सभी सदस्य संविधान के मुताबिक अपनी जिम्मेदारियां निभाएं. राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा में जोरदार हंगामा शुरू हो गया. इससे पहले पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान और सीएम कमलनाथ अपने-अपने विधायकों के साथ विधानसभा पहुंचे.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का कहना था कि ऐसी स्थिति में फ्लोर टेस्ट करवाना असंवैधानिक है. रविवार को कांग्रेस के 85 विधायक जयपुर से भोपाल पहुंचे उन्हें होटल मैरियट में रुकवाया गया था. ये विधायक सोमवार सुबह 10 बजे दो बसों से विधानसभा पहुंचे. इससे पहले मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ ने राज्यपाल को एक पत्र लिखा. इस पत्र में सीएम कमलनाथ ने कहा कि इस स्थिति में सदन में फ्लोर टेस्ट कराना अलोकतांत्रित है.

कमलनाथ ने लिखा ''आपके द्वारा लिखा गया पत्र क्रमांक 77/PSG/2020 दिनांक 14 मार्च 2020 को मुझे लगभग मध्य रात्रि को मिला. महामहिम को मैं स्मरण कराना चाहूंगा कि 13 मार्च को जब मैं आप से मिला था तब मैने आपको अवगत कराया था कि भाजपा के द्वारा कांग्रेस पार्टी के कई विधायकों को बंदी बना कर कर्नाटक पुलिस के नियंत्रण में रखकर उन्हें विभिन्न प्रकार का बयान देने के लिए मजबूर कर रही है''.

उन्होंने कहा ''मैंने स्पष्ट किया किया था कि ऐसी परिस्थिति में विधानसभा में किसी भी फ्लोर टेस्ट का कोई औचित्य नहीं होगा ऐसा करना पूर्ण रूप से अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक होगा. फ्लोर टेस्ट का औचित्य तभी है जब सभी विधायक बंदिश से बाहर हों और पूर्ण दबावमुक्त हों''.

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First published: 16 March 2020, 11:50 IST
 
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