Home » मध्य प्रदेश » Madhya Pradesh four former chief minister to vacate government bungalows including Uma Bharti and Digvijay Singh
 

UP के बाद MP के इन 4 पूर्व मुख्यमंत्रियों को खाली करना होगा सरकारी बंगला

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 July 2018, 13:21 IST
(file photo )

उत्तर प्रदेश के बाद अब मध्यप्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले खाली करने होंगे. एमपी हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिवराज सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला आवंटन करने के प्रावधान को रद्द कर दिया है. जिसमें उमा भारती और बाबूलाल गौर, कैलाश जोशी और दिग्विजय सिंह के बंगले का आवंटन रद्द किया गया है. हालांकि आपको बता दें कि उमा भारती और दिग्विजय सिंह पहले ही सरकारी बंगले को खाली करने की इच्छा जता चुके हैं.

जबलपुर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा गया कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नियम के विरुद्ध सरकारी आवासों में रह रहे हैं. याचिका में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास देने वाले प्रावधान को चुनौती दी गई. याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने शिवराज सरकार को पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिले सरकारी बंगले खाली कराने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि राज्य सरकार एक महीने के अंदर पूर्व मुख्यमंत्रियों को मिले सरकारी बंगले खाली कराए.

हाईकोर्ट ने उस नियम को असंवैधानिक बताया था जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास और सुविधाएं देने का प्रावधान था. अब शिवराज सरकार द्वारा पूर्व सीएम को मिले बंगले का आवंटन रद्द करने के फैसले के बाद कैलाश जोशी, बाबूलाल गौर, उमा भारती और दिग्विजय सिंह को सरकारी बंगले खाली करने पड़ेंगे.

आपको बता दें कि इसी साल मई में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी बंगले खाली करने का आदेश दिया था. इसके अलावा राजस्थान में भी पूर्व सीएम को आजीवन सरकारी बंगला दिए जाने के प्रावधान को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है. राजस्थान हाईकोर्ट में भी इस प्रावधान पर सवाल खड़े हुए हैं. सीएम वसुंधरा राजे सरकार ने पिछले साल अप्रैल में विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास दिये जाने संबंधी विधेयक को मंजूरी दी थी.

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First published: 19 July 2018, 13:21 IST
 
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