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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट का फैसला- नाबालिग की सहमति के बावजूद शारीरिक संबंध बनाना है बलात्कार

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 August 2018, 14:51 IST
(प्रतीतात्मक फोटो)

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि नाबालिग लड़की के साथ उसकी सहमति से सेक्स करना भी रेप के दायरे में आता है. नाबालिग लड़की की सहमति से सेक्स को वैध नहीं माना जा सकता. हाईकोर्ट ने चाइल्‍ड रेप के एक मामले में निचली अदालत के फैसले को पलट दिया है.

सत्र न्यायालय ने मामले में सेक्स संबंध दोनों की सहमति से बनाए गए मानते हुए आरोपी को बरी कर दिया था. निचली अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट को आधार माना था. जिसमें कहा गया था कि पीड़‍िता के शरीर पर किसी तरह के जख्‍म नहीं पाए गए हैं. इसके साथ ही निचली अदालत ने कहा था कि पीड़िता ने इस घटना की जानकारी तत्काल किसी को नहीं दी थी. इससे जाहिर होता है कि यह संबंध आपसी सहमति से स्‍थापित हुआ था.

मीडिया खबरों के अनुसार, निचली अदालत के इस फैसले को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में चुनौती दी. जहां सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के इस फैसले को पूरी तरह पलट दिया. साल 2016 में राज्य सरकार ने इस मामले में हाई कोर्ट में रिविजन प‍िटिशन दायर की थी. जिस पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है.

हाई कोर्ट ने पाया कि घटना के वक्‍त लड़की की उम्र 14 साल से भी कम थी और इस दौरान उसकी सहमति का कोई अर्थ नहीं रह जाता. हाईकोर्ट ने पीड़िता की उम्र का आंकलन उसके स्‍कूल के दस्‍तावेजों और रेडियोलॉजिकल टेस्‍ट के आधार पर किया. कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि इस उम्र में उसकी सहमति से बनाए गए यौन संबंधों को भी 'सहमति से सेक्‍स' के तौर पर नहीं लिया जा सकता.

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First published: 13 August 2018, 14:41 IST
 
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