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मध्यप्रदेश: कमलनाथ सरकार का गिरना लगभय तय! कांग्रेस के 16 बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 March 2020, 3:09 IST

Madhya Pradesh Political Crisis: मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) का गिरना लगभग तय माना जा रहा है. इसी के साथ एक बार फिर से एमपी (MP) की कमान शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के हाथों में जा सकती है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के बाद राज्य में सियासी उठापटक तेज हो गई है. उधर, मध्यप्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Assembly) के स्पीकर (Speaker) ने कांग्रेस (Congress) के 16 अन्य बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर कर लिए हैं. ये सभी विधायक बेंगलुरु में हैं.

इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर से कांग्रेस के बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर ना करने को लेकर सवाल किया था. साथ ही आदेश दिया था कि मुख्यमंत्री कमलनाथ शुक्रवार शाम पांच बजे तक बहुमत साबित करें. मुख्यमंत्री कमलनाथ आज दोपहर 12 बजे भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, ऐसा माना जा रहा है कि इस दौरान वह अपने इस्तीफा की घोषणा भी कर सकते हैं. दरअसल, 16 बागी विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार के पास जरूरी संख्या बल नहीं है ऐसे में कांग्रेस की सरकार का जाना तय माना जा रहा है.

बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं. दो सदस्यों की मृत्यु हो जाने के कारण दो सीटें खाली हैं. जिससे बाद मौजूद सदस्यों की संख्या 228 बची है. इनमें से 22 बागी विधायकों का इस्तीफा विधानसभा के स्पीकर ने मंजूर कर लिया है. ऐसे में अब सदन की संख्या केवल 206 है. बहुमत के लिहाज से सत्ताधारी पार्टी को 104 संख्या बल की जरूरत है. लेकिन इस सब के बीच यह जानकारी भी सामने आ रही है कि कांग्रेस का समर्थन करने वाले कुछ अन्य विधायक भी राज्य में मौजूद नहीं है, जिसके चलते बहुमत का आंकड़ा 101 से 103 सीटों तक का हो सकता है. वहीं दूसरी ओर बीजेपी के पास मौजूदा वक्त में 107 विधायक हैं.

वहीं 22 विधायकों के कम हो जाने से कांग्रेस के विधायकों की संख्या कुल 114 में घटकर केवल 92 हो गई है. ऐसे में मुख्यमंत्री कमलनाथ सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे और मध्यप्रदेश की कमान एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान के हाथ में जा सकती है. ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी के एक विधायक कमलनाथ के संपर्क में है, ऐसे में बीजेपी के सभी 107 विधायक शिवराज सिंह के साथ जाएंगे ये बात कहना भी जल्दबाजी होगी. लेकिन देखना ये होगा कि दोपहर में कमलनाथ अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई तुरप का इक्का चलते हैं या यहीं से अपनी विदाई की घोषणा करते हैं.

बता दें कि मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के सामने उस वक्त सबसे बड़ी मुसीबत सामने आए गई. जब ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ की लड़ाई सड़क पर आ गई. उसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक 22 विधायक बेंगलूरू चले गए और विधानसभा स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया. लेकिन स्पीकर ने केवल छह विधायकों का ही इस्तीफा मंजूर किया. ऊधर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया.

इसके बाद नौबत यहां तक आ गई कि कमलनाथ से लगातार बहुमत साबित करने को कहा जाने लगा. इसके बाद बीजेपी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई. जहां से सीएम कमलनाथ को सदन में बहुमत साबिक करने का आदेश जारी कर दिया गया. गुरुवार देर रात जैसे ही स्पीकर ने कांग्रेस के 16 बागी विधायकों का इस्तीफा मंजूर किया बीजेपी में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और शिवराज समर्थन जश्न मनाने लगे.

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First published: 20 March 2020, 3:09 IST
 
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