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मध्यप्रदेश: कमलनाथ सरकार के फ्लोर टेस्ट पर संशय बरकरार, कांग्रेस ने लगाया बीजेपी पर ये आरोप

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 March 2020, 9:09 IST

Madhya Pradesh Political Crisis: मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार (Kamal Nath Government) के फ्लोर टेस्ट (Floor Test) पर अभी भी संशय (Suspense) बरकरार है. शनिवार देर रात राज्यपाल (Governor) लालजी टंडन (Lalji Tandon) ने कमलनाथ सरकार को विधानसभा (Assembly) में फ्लोर टेस्ट करने निर्देश दिए थे, लेकिन इस पर अभी भी संशय बरकार है. वहीं मध्यप्रदेश विधानसभा स्पीकर ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है. इसके अलावा विधानसभा की आज यानी सोमवार की कार्यसूची में भी फ्लोर टेस्ट कराने की कोई बात नहीं की गई है.

इसके अलावा बीती रात मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल से मुलाकात की. इससे पहले बीजेपी प्रतिनिधिमंडल भी राज्यपाल से मुलाकात करने पहुंचा था. सीएम कमलनाथ ने भी फ्लोर टेस्ट को लेकर किए गए सवाल का कोई जवान नहीं दिया और कहा कि बहुमत परीक्षण पर स्पीकर जवाब देंगे. इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ के बयान पर तुरंत जवाब दिया और कहा कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है.

उधर कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने कांग्रेस के विधायकों को बंधक बनाकर रखा है और मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार को अस्थिर करना चाहती है. पार्टी का कहना है कि इन विधायकों को छोड़े बगैर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं कराया जा सकता. इसके अलावा कमलनाथ ने फ्लोर टेस्ट से पहले सभी विधायकों का कोरोना वायरस टेस्ट कराने की भी मांग की है.

इस बीच मानेसर में ठहरे बीजेपी विधायक भी देर रात ढाई बजे भोपाल पहुंच गए. इसके बाद सभी विधायकों ने एक सुर में कहा कि कमलनाथ सरकार का जाना तय है. हालांकि अभी भी कांग्रेस के बागी विधायक बेंगलुरु में ही हैं. बागी विधायकों ने भोपाल पहुंचने के लिए सुरक्षा की मांग की है. बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थित कांग्रेस के 22 बागी विधायकों में से सिर्फ 6 के इस्तीफे मंजूर किए गए हैं. अब बाकी बचे 16 विधायकों से कमलनाथ को उम्मीद है. रविवार को कैबिनेट की बैठक से निकलते वक्त मुख्यमंत्री ने ऑल इज वेल का दावा भी किया.

फ्लोर टेस्ट पर जारी सस्पेंस के बीच केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और नरेन्द्र सिंह तोमर ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि अगर स्पीकर बहुमत परीक्षण नहीं करवाते हैं तो बीजेपी अदालत का रुख कर सकती है. वहीं कांग्रेस और बीजेपी ने व्हीप जारी कर विधायकों को सदन में रहने को कहा है.

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First published: 16 March 2020, 9:09 IST
 
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