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मध्य प्रदेश : राज्य मंत्री का दर्जा मिलते ही संतों ने बंद किया नर्मदा पर सरकार का विरोध

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 April 2018, 15:10 IST

मध्यप्रदेश में सरकार ने जिन पांच संतों को राज्यमंत्री के दर्जे से नवाजा गया था, उनमें दो ने सूबे की भाजपा सरकार के खिलाफ प्रस्तावित ‘‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’’ रद्द करने का ऐलान किया है. इससे पहले ये लोग राज्य सरकार लगातार हमला कर रहे थे और इन्होने एक अप्रैल से नर्मदा घोटाला रथ यात्रा निकालने की घोषणा की थी. राज्यमंत्री का दर्जा मिलने के बाद दोनों ने यह यात्रा रद्द कर दी है.

मध्य प्रदेश सरकार ने पांच संतों को राज्य मंत्री का दर्ज़ा दिया है. इस बाबत सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को आदेश जारी किया था. इन संतों में नर्मदानंद महाराज, हरिहरानंद महाराज, कंप्यूटर बाबा, भय्यू महाराज और पंडित योगेंद्र महंत को राज्य मंत्री का दर्ज़ा दिया गया है.

 

कांग्रेस ने सरकार के इस क़दम का एक चाल बताया है. पार्टी प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी का कहना है कि, ‘शिवराज सरकार ने नर्मदा संरक्षण पर अब तक ध्यान नहीं दिया. बल्कि अवैध रेत खनन की तरफ़ आंखें बंद रखकर उसका शोषण ही होने दिया है.

अब वह अपने इस पाप पर पर्दा डालना चाह रही है.’ इससे पहले कम्प्यूटर बाबा की अगुवाई में एक अप्रैल से 15 मई तक प्रदेश के प्रत्येक जिले में "नर्मदा घोटाला रथ यात्रा" निकालकर इस नदी की बदहाली का मुद्दा उठाने की रूप-रेखा तय की गयी थी.

राज्यमंत्री का दर्जा हासिल करने के बाद कम्प्यूटर बाबा ने आज कहा कि, हम लोगों ने यह यात्रा निरस्त कर दी है, क्योंकि प्रदेश सरकार ने नर्मदा नदी के संरक्षण के लिये साधु-संतों की समिति बनाने की हमारी मांग पूरी कर दी है.

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First published: 4 April 2018, 15:10 IST
 
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