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मंदसौर किसान हिंसा: गोली चलाने वाले जवानों को मिली क्लीन चिट

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 June 2018, 15:37 IST

मंदसौर हिंसक किसान आंदोलन में 5 किसानों को गोली मारने वाले पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को जस्टिस जेके जैन की आयोग ने क्लीनचिट दे दी है. 9 महीने बाद आई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि तत्कालीन परिस्थितियों में भीड़ को तितर-बितर करने और पुलिस बल की जीवन रक्षा के लिए गोली चालन 'नितांत आवश्यक' और 'न्यायसंगत' था.

आयोग ने गोलीकांड में निलंबित हुए कलेक्टर स्वतंत्र कुमार और एसपी ओपी त्रिपाठी को भी सीधे तौर पर दोषी नहीं ठहराया है. बल्कि इसकी जगह आयोग ने लिखा है कि पुलिस और जिला प्रशासन का सूचना तंत्र कमजोर और आपसी सामंजस्य भी नहीं होने के कारण आंदोलन उग्र हुआ.

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एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक आयोग का कहना है कि किसान और अफसरों के बीच संवादहीनता के कारण जिला प्रशासन को उनकी मांगों और समस्याओं की जानकारी नहीं थी और उन्हें जानने का प्रयास भी नहीं किया गया. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि गोली चलाने में पुलिस ने नियमों का पालन नहीं किया. पहले पांव पर गोली चलाना चाहिए थी, लेकिन इसका ध्यान नहीं रखा गया. बता दें कि आयोग ने मुख्य सचिव को बंद लिफाफे में 11 जून को रिपोर्ट सौंपी थी. ये रिपोर्ट 11 सितंबर 2017 को सरकार को सौंपी जानी थी.

इस पर सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रभांशु कमल ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव मलय श्रीवास्तव को दो दिन पहले ही इसकी रिपोर्ट दी है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 6 जून 2017 को महू-नीमच फोरलेन पर बही पाश्र्वनार्थ फाटे के पास चक्काजाम किया था. मुंह पर कपड़ा बांधकर असामाजिक तत्वों ने आंदोलकारियों के साथ शामिल होकर तोडफ़ोड़ शुरू कर दी. तकरीबन 12.30 बजे तत्कालीन सीएसपी सांई कृष्णा थोटा पुलिस और सीआपीएफ बल के साथ पहुंच कर चक्काजाम खुलवाने का प्रयास किया.

इसी बीच आसमाजिक तत्वों ने सीआरपीएएफ के एक एएसआई सहित 7 जवानों को घेर लिया. उन पर पेट्रोल बम फेंके और मारपीट की. आरक्षक विवेक मिश्रा को जमीन पर गिराकर रायफल छीनने का प्रयास किया, उन्हें बचाने गए आरक्षक उदय प्रकाश और अरुण कुमार को गिराकर रायफल छीनने लगे. भीड़ ने एएसआई बी शाजी को भी पकड़ लिया. स्थिति नियंत्रण से बाहर जाते देख गोली चलाने की चेतावनी दी, इसके बाद आरक्षक विजय कुमार ने दो गोली चलाई, जिससे कन्हैयालाल और पूनमचंद की मौत हो गई.

First published: 19 June 2018, 15:37 IST
 
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