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शिवराज सरकार के बाबाओं को राज्यमंत्री बनाने पर हाईकोर्ट का आदेश, तीन हफ्तों में दें जवाब

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 April 2018, 17:13 IST

मध्य प्रदेश में पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने के मामले में हाईकोर्ट ने शिवराज सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार ने हाल ही में पांच संतो को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया था. राज्य सरकार के इस फैसले के बाद सियासत तेज हो गई थी. मामला हाईकोर्ट पहुंच गया. राम बहादुर शर्मा नाम के शख्स ने हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में शिवराज सरकार द्वारा पांच बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा पांच सतों को राराज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है.

गौरतलब है कि 3 मार्च को मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने पांच बाबाओं कम्प्यूटर बाबा, भय्यूजी महाराज, नर्मदानंद, हरिहरनंद, पंडित योगेंद्र महंत को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया था. राज्य सरकार के इस फैसले के साथ ही राज्य में सियासी पारा एक दम चढ़ गया.

कहा जा रहा है कि कम्प्यूटर बाबा और योगेंद्र मंहत ने शिवराज सरकार के खिलाफ एक अप्रैल से नर्मदा घोटाला यात्रा निकालने का ऐलान किया था. कम्प्यूटर बाबा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिवराज सरकार के नर्मदा यात्रा वृक्षारोपण पर सवाल खड़े किए थे.

कम्प्यूटर बाबा का आरोप था कि नर्मदा यात्रा वृक्षारोपण में घोटाला किया गया है. इसको लेकर शिवराज सरकार ने कम्प्यूटर बाबा से संपर्क किया. चुनाव को देखते हुए शिवराज सरकार नहीं चाहती कि वो किसी नए विवाद में फंसे. शिवराज सरकार ने इन आरोपों से बचने के लिए कम्प्यूटर बाबा सहित पांच संतो को राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया था.

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First published: 9 April 2018, 17:13 IST
 
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