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मध्यप्रदेश के 116 बीजेपी विधायकों की सदस्यता खतरे में, गिर सकती है शिवराज सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 January 2018, 9:00 IST

मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार गिर सकती है. क्योंकि भारतीय जनता पार्टी के 116 विधायकों की सदस्यता पर खतरा मंडराने लगा है. दिल्ली की आम आदमी पार्टी के तर्ज पर मध्य प्रदेश के 116 भाजपाई विधायक किसी न किसी लाभ के पद पर हैं.

पत्रिका की खबर के अनुसार, दिल्ली की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि मध्यप्रदेश के 116 भाजपाई विधायक किसी न किसी लाभ के पद पर हैं. आम आदमी पार्टी ने कहा है कि यदि चुनाव आयोग इन विधायकों को अयोग्य घोषित करने की सिफारिश राष्ट्रपति से कर देता है तो मध्यप्रदेश की सरकार इसी साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले ही गिर सकती हो.

 

आम आदमी पार्टी के इस दावे के साथ ही मध्यप्रदेश की राजनीति में उथल-पुथल मच गया है. गौरतलब है कि हाल ही में चुनाव आयोग ने दिल्ली की सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी थी. उन विधायकों पर लाभ के पद पर होने का आरोप लगा था.

इसी तर्ज पर आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि मध्यप्रदेश में 116 और छत्तीसगढ़ में 11 भाजपा के विधायक लाभ के पद पर हैं और उनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए.

 

आम आदमी पार्टी के मध्यप्रदेश के संयोजग आलोक अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने दिल्ली में तो काफी तेजी से कार्रवाई कर दी लेकिन भाजपा की सरकार होने के कारण वह मध्यप्रदेश में इतनी तेजी नहीं दिखाएगा.

आलोक अग्रवाल का कहना है कि दिल्ली की सरकार पर तो इस कार्रवाई को कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि सरकार तब भी बहुमत में है लेकिन यदि आयोग मध्यप्रदेश के विधायकों को अयोग्य घोषित करने की सिफारिश राष्ट्रपति से कर दे और सही कार्रवाई करे तो यह सरकार नहीं बचेगी.

अग्रवाल का कहना है कि विधायक जैसे संवैधानिक पदों पर रहते हुए संविधान और नियमों का उल्लंघन गंभीर बात है. इन लोगों को ईमानदारी से अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उऩ्होंने पिछले साल 4 जुलाई 2016 को लाभ के पद पर आसीन भाजपा के 116 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं की गई.

First published: 30 January 2018, 9:00 IST
 
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