Home » मध्य प्रदेश » Shivraj Singh Chauhan says MP government will be given jobs on the basis of 10th and 12th marks
 

मध्य प्रदेश सरकार दसवीं और 12वीं के अंकों के आधार पर युवाओं को देगी नौकरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 August 2020, 13:55 IST

मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) जल्द ही युवाओं को दसवीं और बारहवीं क्लास के प्राप्तांकों के आधार पर नौकरी (Jobs) देने की योजना बना रहा है. जिससे स्थानीय युवाओं को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chauhan) ने इस बारे में शनिवार को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के नागरिकों के लिए 'सिंगल सिटीजन डाटाबेस' तैयार कर रही है, जिससे प्रदेश के लोगों को हर योजना के लिए अलग-अलग पंजीकरण करना की जरूरत न पड़े.

74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भोपाल (Bhopal) के मोतीलाल नेहरु स्टेडियम (Moti Lal Nehru Stadium) में ध्वजारोहण करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि, "मध्यप्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने कहा, "जब नौकरियों के अवसरों का अभाव है, ऐसे समय में राज्य के युवाओं की चिंता करना हमारा कर्तव्य है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, "सरकारी भर्तियों के लिए अभियान चलाया जाएगा, साथ ही निजी क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे.


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विद्यार्थियों को 10वीं एवं 12वीं की अंकसूची के आधार पर नियोजित किया जाएगा." उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं के कौशल विकास के लिए काम कर रही है. भोपाल में सिंगापुर की सहायता से लगभग 600 करोड़ रुपये की लागत से एक कौशल विकास केन्द्र बनाया जा रहा है. सीएम ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान मध्य प्रदेश के 15 लाख प्रवासी मजदूर वापस प्रदेश लौट आए हैं. प्रवासी मज़दूरों को उनके निवास स्थान के समीप रोजगार मुहैया करने के उद्देश्य से घर-घर जा कर सर्वेक्षण कर 14 लाख से अधिक श्रमिकों के जॉब कार्ड बनाए गए है. अब तक 2,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मजदूरी के रूप में श्रमिकों के खातों में अंतरित की जा चुकी है.

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वहीं पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ा कर 27 प्रतिशत किए जाने के संबंध में सरकार पूरी मजबूती के साथ न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रख रही है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब उन्होंने मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला था, तब प्रदेश में कोविड-19 की जांच के लिए केवल एक प्रयोगशाला थी और अन्य व्यवस्थाओं का भी अभाव था. उन्होंने कहा, "इसके बाद हमारी सरकार ने महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए युद्ध स्तर पर काम किया.

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First published: 16 August 2020, 13:55 IST
 
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