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सवालों में घिरे सिमी कार्यकर्ताओं के एनकाउंटर की न्यायिक जांच का आदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 November 2016, 9:41 IST
(कैच)

विवादों में घिरे भोपाल एनकाउंटर की अब न्यायिक जांच होगी. सोमवार को सिमी के आठ विचाराधीन कैदियों को मध्य प्रदेश पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था. हालांकि एक वीडियो और पीसीआर की बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद एनकाउंटर पर शक गहरा गया था.

कैच को मिले एक्सक्लूसिव ऑडियो के बाद इस मुठभेड़ की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अब भोपाल एनकाउंटर की न्यायिक जांच का आदेश दिया है.

हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज एसके पांडे की अध्यक्षता में भोपाल जेलब्रेक और सिमी के आठ कार्यकर्ताओं के कथित एनकाउंटर की न्यायिक जांच होगी. इससे पहले शिवराज ने कहा था कि मामले की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जांच कराई जाएगी.

कैच को मिला एक्सक्लूसिव ऑडियो

कैच को मिले एक्सक्लूसिव ऑडियो में एमपी पुलिस के आला अफ़सर कंट्रोल रूम से बैठकर ईंटखेड़ी में मौक़े पर मौजूद पुलिस टीम को फरार आरोपियों को मार गिराने का हुक्म दे रहे हैं.

अफ़सरों और ऑपरेशन में लगी टीम के बीच हुई बातचीत सुनने से यह साफ़ हो जाता है कि पुलिस का इरादा सिमी कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार करने या उनसे सरेंडर करवाने का था ही नहीं. क्या यह पूरी तरह से मध्य प्रदेश पुलिस की एकतरफा कार्रवाई है?

ऑडियो क्लिप की शुरुआत में पुलिस टीम सिमी कार्यकर्ताओं और इनके घरवालों को भद्दी गालियां देते हुए सुनाई देती है. फिर महज़ 10 मिनट में आठ लोग मार गिराए जाते हैं.  यह समय भी मुठभेड़ की सच्चाई पर सवाल खड़ा करती है.

ऐसे तमाम उदाहरण हैं जब एक-दो आतंकियों से मुठभेड़ में पुलिस वालों को 24 घंटे से ज्यादा समय लग जाता है. जबकि इस मामले में महज दस मिनट के अंदर आठो फरार लोगों को पुलिस ने मार गिराया.

इस ऑडियो क्लिप में एक अफ़सर को यह कहते हुए साफ़ सुना जा सकता है, "सबको निपटा दो. घेर के पूरा कर दो काम तमाम." मतलब कि आला अफ़सर ने मौक़े पर मौजूद पुलिस टीम को सिमी कार्यकर्ताओं को मारने का हुक्म दिया.

हमें यह ऑडियो टेप विश्वसनीय स्रोतों से मिले हैं लेकिन कैच ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.

'बहुत अच्छा हुआ, आठों मारे गए'

कैच को मिली यह क्लिप कहीं से भी नहीं बताती कि पुलिस टीम ने सिमी कार्यकर्ताओं से बात भी करने की कोशिश की. एक जगह कहा गया है, "सिग्मा सेवन वन, चार पांच मर गए हैं. उनको गोली लग गई है."

कंट्रोल रूम को यह इत्तेला करने के बाद जवाब आता है, "चलो शाबाश कोई दिक्कत नहीं है, हम लोग पहुंच रहे हैं." फिर इसके बाद कहा जाता है, "अब तीन बचे हैं."

एक जगह इनमें से किसी को ज़िंदा पकड़ने के सवाल पर ऑपरेशन टीम का एक सदस्य कहता है, "बहुत अच्छा हुआ. इनका इलाज कराने में कितना ख़र्च होता." तकरीबन नौ मिनट की इस ऑडियो क्लिप के आख़िर में कहा गया है, "आठों मारे गए. (फिर सभी तालियां बजाते हैं, हंसते हैं) खेल ख़त्म."

इसके बाद कंट्रोल रूम के अफ़सर और मौक़े पर मौजूद टीम एक-दूसरे को बधाई देती है, "सर बधाई हो, वेल डन, वेरी गुड."

वहीं सोमवार को डीजीपी योगेश चौधरी ने दावा किया था कि ऑपरेशन टीम के तीन सदस्य इस मुठभेड़ में धारदार हथियार से ज़ख़्मी हुए हैं. अब यह विरोधाभासी बयान भी संदिग्ध नज़र आता है.

हमें यह ऑडियो टेप विश्वसनीय स्रोतों से मिले हैं लेकिन कैच ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता.

First published: 4 November 2016, 9:41 IST
 
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